3 वर्ष से लापता बहादुरपुर गांव निवासी दिनेश राम को तमिलनाडु राज्य के तिरुपत्तूर नगर के एस्पाइरिंग लाइव्स एन०जी०ओ० की मदद से 3 वर्ष बाद पहुँचा अपने घर।
ज़मानिया / गाज़ीपुर- 3 वर्ष से लापता व्यक्ति तमिलनाडु राज्य के एस्पाइरिंग लाइव्स एन०जी०ओ० की मदद से बुद्धवार को उसके घर परिजनों तक पहुँचाया गया।

दिनेश राम को उनके परिवार से ‘एस्पाइरिंग लाइव्स’ एनजीओ, तमिलनाडु के द्वारा मिलाया गया जब दिनेश राम के बड़े भाई (महेश्वर नाथ भारती), और दूर के दामाद (राजेंद्र कुमार) चेन्नई (तमिलनाडु) दिनेश राम को वापस घर ले जाने के लिए आए। दिनेश राम अपने घर पहुँच चुके हैं। एस्पाइरिंग लाइव्स ने दिनेश राम के परिवार का पता लगाकर उनको उनके परिवार से मिलाया है।
इनकी असहाय स्थिति में केरल के कोल्लम जिले में अवस्थित एस एस समिथि अभया केंद्रम नामक संस्था में 10 दिसंबर, 2019 को दाखिल किया गया था। इस संस्था ने 9 नवंबर, 2020 को दिनेश राम के परिवार का पता लगाने और तत्पश्चात इनको इनके परिवार से पुनर्मिलन कराने के उद्देश्य से एस्पाइरिंग लाइव्स एनजीओ से संपर्क किया।
गौरतलब है कि मानसिक रूप से विक्षिप्त दिनेश राम अपने घर का पता, और रिश्तेदारों के बारे में बता पाने में काफी हद तक असहज थे। जबकि यह विवरण उनके परिवार का पता लगाने के लिए अनिवार्य था। दिनेश राम के द्वारा बताए गए अस्पष्ट तथ्यों को ही आधार बनाकर इनके परिवार का पता लगाया गया। एक दिन बाद ही, यानि कि 10 नवंबर, 2020 को एस्पाइरिंग लाइव्स एनजीओ द्वारा इनके परिवार का पता लगाकर इनके परिवार को इस शुभ समाचार की सूचना दी गई।
कोरोना थोड़ा और कम होने का इंतजार करते-करते इनके परिजनों को इनको वापस घर लेकर जाने में काफी विलम्ब हुआ, और अब जाकर कहीं यह संभव हो पाया। एस्पाइरिंग लाइव्स ने दिनेश राम के परिवार को चेन्नई बुलाया जहाँ एस्पाइरिंग लाइव्स के द्वारा दिनेश राम को केरल से चेन्नई लाया गया। दिनेश राम के बड़े भाई (महेश्वर नाथ भारती), और दूर के दामाद (राजेंद्र कुमार) दिनेश राम के परिवार के तरफ से आए। एस्पाइरिंग लाइव्स ने चेन्नई के पेराम्बुर रेलवे स्टेशन पर दिनेश राम को इनके परिवार की तरफ से आए हुए इनके इन दोनों रिश्तेदारों के सुपुर्द कर दिया।
वह अपने परिवार से पुनर्मिलन में एस्पाइरिंग लाइव्स के मैनेजिंग ट्रस्टी, जिनका नाम मनीष कुमार है, का बहुमूल्य योगदान रहा है।साथ-ही-साथ, एस्पाइरिंग लाइव्स के संस्थापक (फरीहा सुमन) और समन्वयकों (प्रियंका प्रीतम और मोहम्मद असरुदीन एम) का भी योगदान उल्लेखनीय है। न केवल दिनेश राम और उनका परिवार अपितु वहाँ के स्थानीय लोग भी दिनेश राम का अपने परिवार से पुनर्मिलन को लेकर अत्यंत ही खुश हैं।
एस्पाइरिंग लाइव्स की टीम भी इस पुनर्मिलन से अत्यंत ही प्रसन्न है। आजकल के इस भाग-दौड़ के माहौल में जब पारिवारिक सौहार्द और पारिवारिक बंधन तेजी से कम होता जा रहा है। तब उस परिवेश में दिनेश राम के परिवार वालों ने गरीबी और कोरोना के डर को पीछे छोड़ते हुए पारिवारिक सौहार्द और पारिवारिक बंधन का, उत्तर प्रदेश से चेन्नई आकर और दिनेश राम को वापस घर ले जाकर, जो अनूठा उदाहरण इस समाज को पेश किया है।
उसके लिए हम दिनेश राम के परिवार को सलाम करते हैं। मानसिक रूप से विक्षिप्त दिनेश राम का उनके परिवार के द्वारा उनके गुम होने के बाद इतनी आत्मीयता के साथ अपनाया जाना, बहुत ही सराहनीय है। इसके लिए, इस परिवार के बारे में लोगों को जानना चाहिए। इस सकारात्मक समाचार का मीडिया के द्वारा प्रचार-प्रसार करने का मुख्य उद्देश्य दिनेश राम के परिवार का समाज को दिए गए सन्देश को लोगों तक पहुँचाना है।
गौरतलब है कि ‘एस्पाइरिंग लाइव्स’ एनजीओ 8 मई, 2018 को पंजीकृत हुई है और बिना किसी बाह्य स्रोत की वित्तीय सहायता से इसने अभी तक 112 मानसिक रूप से असक्षम लापता लोगों को उनके परिवार से मिलाया है। एस्पाइरिंग लाइव्स की पंजीकृत शाखा तिरुपत्तूर, तमिलनाडु में है।

