भारत विकास परिषद ‘‘काशी’’शाखा ने युवा प्रेरणाश्रोत स्वामी विवेकानन्द के जीवन से बच्चों को कराया रूबरू, किया सहयोग।
वाराणसी :- युवा प्रेरणाश्रोत स्वामी विवेकानन्द के जयन्ती पर याद करते हुए भारत विकास परिषद ‘काशी’’ के तत्वावधान में काशी अनाथालय, लहुराबीर में रविवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां अगली पीढ़ी को स्वामी विवेकानन्द के जीवन से परिचय कराते हुए शून्य से शिखर प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।

इस मौके पर वक्ताओं ने बच्चों से कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी ने हमें सफलता मंत्र दिया है ‘‘उठों, जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक तुम अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर लेते’’। उन्होने सिद्ध किया है कि हमें अपने परिस्थिति का दास होकर हीन कभी नही समझना चाहिए।
हालात चाहे कितने भी विपरीत क्यो न हो संघर्ष व निरन्तर प्रयास से ही सफलता प्राप्त होती है। स्वामी जी का मानना था कि संघर्ष जितना बड़ा होता है, जीत और उपलब्धि उतनी ही बड़ी होती है। वर्ष 1893 में अमेरिका के शिकागों शहर में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन के दौरान उनके साथ घटित घटना जिसे सिद्ध करती है।
इस अवसर पर काशी अनाथालय के बच्चों के दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुएं, शैक्षणिक सामग्री, खाद्यान्न, फल, वस्त्र एवं खेल के सामान आदि प्रदान किया गया। साथ ही बच्चों संग सहभोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन सुमित वर्मा, रंजना अग्रवाल ने किया। अतिथियों का स्वागत अध्यक्ष ओंकार नाथ चोपड़ा एवं धन्यवाद ज्ञापन सचिव विशाल कपूर ने किया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से महिला संयोजिका सुप्रिया जरिया कोषाध्यक्ष हरीश वालिया मौजूद रहे।

