Sunday, May 31, 2026
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बच्चों के साथ अपराध और अपराधी बनाने में नंबर वन स्थान रखता है मध्य प्रदेश 

बच्चों के साथ अपराध और अपराधी बनाने में नंबर वन स्थान रखता है मध्य प्रदेश भारतीय सामाजिक व्यवस्था में आज सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। आज वर्तमान समाज के लिए अपराध यह एक बड़ा सवाल है और हमारे वर्तमान समाजिक व्यवस्था को और भी ज्यादा खराब कर सकती है।

आज वही उत्तर प्रदेश की अपेक्षा मध्य प्रदेश में अपराध को लेकर कुछ नए आंकड़े सामने है, बाल अपराध में भी मध्य प्रदेश नम्बर वन है. 2020 में इन अपराधों की संख्या 17008 है. इससे पहले के साल में भी प्रदेश बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के मामलों में नम्बर वन था. NCRB की रिपोर्ट के अनुसार 2020 में रोज करीब 46 बच्चों को हत्या, दुष्कर्म और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों का शिकार होना पड़ा, हालांकि, 2019 के मुकाबले इसमें मामूली कमी आई है. प्रदेश में बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध की दर 59.1% है. साल 2019 में 19,028 मामले दर्ज हुए थे.

महिला अपराध में एमपी पांचवें स्थान पर

महिला अपराध के मामले में मध्य प्रदेश देश में पांचवें नंबर पर है. 2020 में एमपी में महिलाओं पर अत्याचार के 25640 मामले दर्ज हुए. साल 2020 में दुष्कर्म के 2,339 केस दर्ज किए गए. यानी, रोज करीब 6 महिलाएं रेप का शिकार हुईं. गौरतलब है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक 2020 के दौरान हर दिन भारत (India Crime Record) में औसतन 80 लोगों की हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है. सबसे अधिक 3779 हत्या के मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए. इसके बाद बिहार में 3150 महाराष्ट्र में 2163 मध्यप्रदेश में 2101 और पश्चिम बंगाल में 1948 मामले दर्ज किए गए हैं.

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