निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दाल निषाद पार्टी आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन मे राष्ट्रीय अध्यक्ष का हुआ स्वागत
जमानिया / गाजीपुर- स्थानीय कोतवाली क्षेत्र स्थित रामलीला मैदान में शनिवार को आगामी चुनावों को लेकर निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दाल निषाद पार्टी आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन और सदस्यता अभियान के तहत कार्यक्रम किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जमानिया विधान सभा अध्यक्ष शेषनाथ चौधरी द्वारा माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में आये निषाद पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष पॉलिटिकल गॉडफादर ऑफ फिशरमैन डॉ संजय निषाद ने कहा कि सदस्यता अभियान में प्रदेश में उमड़ रहा जनसैलाब मछुआ समुदाय के आने वाली पीढ़ियों का भविष्य निर्धारित करेगा। हमें अपनी आबादी के अनुरूप 18 परसेंट आरक्षण चाहिए , जिसे हम लेकर रहेंगे।
डॉक्टर संजय निषाद ने आगे कहा कि एक करोड़ सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन माननीय प्रधानमंत्री जी को दिया जाएगा और उन्हें अपना वादा निभाना ही पड़ेगा। हम भाजपा के मित्र हैं और गठबंधन धर्म केअनुसार किए गए वादे को पूरा कराना चाहते हैं । युवाओं को सोचना होगा कि उन्हें आगे क्या करना है …आज कर रहे हैं वही करते जाना है या आपको भी आगे जाना है सरकार में भागीदारी है , अधिकारी बन ना है, दरोगा आईएएस पीसीएस इंजीनियर डॉक्टर बनना है।
आप आज जो करते हैं उस पर भविष्य निर्भर करता है। आज सो जाएंगे तो आपका भविष्य अंधेरे में होगा आपकी आने वाली पीढ़ियां भी इसी अंधेरे में रहेंगी तो जीवन में आनेवाली भविष्य को उजाले में के लिए संघकेर्ष करना होगा।
आज आरक्षण के मुद्दे पर सामाजिक न्याय मंत्रालय और केंद्र सरकार RG का हवाला देकर गुमराह कर रहा है। जबकि यह मामला RG के अंतर्गत आता ही नहीं है, बल्कि उत्तरप्रदेश संविधान की अनुसूचित जाति की सूची में क्रम सं.-18 में बेलदार, क्रम सं.-36 में गौड़, क्रम सं.-53 में मझवार, क्रम सं.-66 में तुरैहा पर सूचीबद्ध पर्यायवाची जातियां माझी, कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, रैकवार, धीवर, बिन्द, धीमर, बाथम, तुरहा, गोडिया, मांझी, मछुवा, गोड़, राजगोड़ को जेनेरिक नाम के रूप में परिभाषित किया गया है।
अब सरकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट को यह स्पष्ट करना चाहिए की भारत के राष्ट्रपति बड़े है या RGI बड़ा है क्योंकि जिस मछुआ समुदाय को आरक्षण देने से आज RGI मना कर रहा है उसे पूर्व राष्ट्रपति द्वारा सही ठहराया गया था। प्रियंका गांधी हाल ही में इलाहाबाद गई , मौनी अमावस्या पर स्नान किया …ये ढोंग सबको पता है ,ये ढोंग क्यों किया जा रहा है जनता जानती है…इनके पिताजी , दादी जी, ईनकी पर नाना सबका नाता इलाहाबाद से रहा लेकिन इनका नाता कभी मछुवारों से नहीं रहा ….आज याद आए हैं क्योंकि गद्दी खिसक गईं है..
और उसी गद्दी को पाने के लिए इतनी जद्दोजहद, ये तो राम को भी नहीं मानते थे इनके लिए राम काल्पनिक थे लेकिन जब जनता के वोटों को तमाचा लगा तो सब याद आने लगा गंगा मैया भी याद आने लगी मछुआरे भी याद आने लगे। इस देश में दलितों के नाम पर किसी ने मलाई खाई है तो वो मायावती हैं, अगर दलितों का विकाश हुआ होता उनकी सुनी जाती तो शायद उन्नाव , हाथरस जैसे कांड ही नहीं होते….दलितों के नाम पर सिर्फ तिजोरियां भरी गई है … दलितों के लिए जब योजनाएं बनती है तो ये लोग ये नहीं देखते इन्हे कितना फायदा होगा ये सबसे पहले ये देखते हैं कि इस योजना से हमारी जेबें कैसे भरेंगी तो इनकी कहानी है।
बीते दिन आजमगढ़ में निषाद राज जी की मूर्ति की स्थापना की गई। डॉ. संजय निषाद ने निषाद समाज के आग्रह पर मूर्ति की स्थापना की परंतु ये सपा-बसपा के अधिकारियों ने रात के अंधेरे में निषाद राज की मूर्ति को थाने में बंद करने का कूकृत्य किया। उत्तर प्रदेश में मूर्तियों की स्थापना हो रही है और दूसरी तरफ राम के बड़े भाई निषाद राज जी मूर्ति को हटाने और थाने में करने का काम हो रहा है।
मेरी सरकार से अपील है जल्द से जल्द जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए अन्यथा निषद पार्टी अपने हक अधिकार के लिए सड़क पर उतरने का काम करेगी क्योंकि उत्तरप्रदेश में हमारे सहयोगी दल की सरकार है और आजमगढ़ में अभी भी अधिकारी समाजवादी पार्टी की सरकार चला रहे है। कभी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी जी कहा करते थे कि सरकार द्वारा जारी 100 रुपये में 99 रु. जनता तक पहुंचते ही नहीं। 99 %
राजनितिक हिस्सेदार खा जाते हैं। 70 सालों में जो भी सरकार आई वोट लेकर अपने नोट बनाने का काम किया। इनसे पहले अंग्रेज ने लूटा। कांग्रेस ने सिर्फ जय जवान जय किसान का नारा दिया। अगर इतने सालों में किसानों की जय हुई होती तो क्या आज किसान सड़कों पर होते किसी भी सरकार को चलाने के लिए पॉलिटिकल पार्टनरसिप की जरुरत होती है।
कांग्रेस के समय से विदेशी कंपनियां, सपा के समय अमर सिंह एंड कंपनी थी, बसपा के समय सतीश मिश्रा एंड कंपनी है और वर्तमान समय में अडानी, अंबानी आदि हैं। ये लोग राजनि एवं बजट के हिस्सेदार होकर सबल होते हैं, वहीं देश के वोटर राजनिती एवं बजट का शिकार हो रहे हैं इसलिए निर्बल हो रहे।
उक्त मौके पर प्रांतीय अध्यक्ष व्यास मुनि, बाबूराम निषाद प्रदेश अध्यक्ष , रविंद्र मणि निषाद ,जिला अध्यक्ष अनिल निषाद आदि लोग मौजूद रहे।


