पुत्रों और पौत्रो की दीर्घायु और आरोग्य मंगल काँमना के लिए निराजल ब्रत के दौरान माताओं गंगा तट पर स्नान के लिए लगी रहीं भीड़–
जमानिया ⁄ गाजीपुर– अपने पुत्रों की दीर्घायु और आरोग्य मंगल कामना के लिए माताओं नें अपनें पुत्रों के लिए जीवित्पुत्रिका के कठिन निराजल ब्रत रखा।
फोटो– गंगा तट पर स्नान के लिए लगी रहीं भीड़
इस दिन माँताए अपने पुत्रों की दीर्घायु और आरोग्य मंगल कामना के लिए माताओं नें माताओं द्वारा सुबह से हीं क्षेत्र के बलुआ गंगा घाट सहित विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान कर मंदिरों में दर्शन व पूजन कर माता की महिमा की कहानियां भी सुनाईं। तीज की तरह ही यह ब्रत बिना खायें पीए‚ निर्जला रखा जाता हैं। इस व्रत को लेकर लोंगो में माफी उत्साह का माहौल दिखाई दिया लोंग गाजें–बाजें के साथ गंगा तट पर जाते दिखाई दियें।
स्नान के बाद व्रती महिलायें अपने पुत्रों और पौत्रो की सख्या के आधार पर सोने या चॉदी का चन्द्राकर लॉकेट बनाकर पहनती हैं जिसे वर्षोपरान्त तक सुरक्षित रखा जाता हैं। जियुतिया माला में पिरोयें गयें इन लॉकेट की संख्या पुत्रों की संख्या के साथ बढ़ती रहतीं है। व्रती महिलाए अपने पुत्रों की संख्या का स्वर्ण एंव रजत माला बनाकर पूजा करती हैं जो उनके संतान के दीर्घायु होने और अनिष्टों के नाश के लिए पुनः अगलें वर्ष के लिए सुरक्षित रख दिया जाता हैं
वहीं दरौली‚ मुहम्म्दपुर‚ हेतिमपुर‚ जमानियाँ कस्बा‚ रेलवे स्टेशन ‚ ताजपुर‚ आदि दूर–दराज सें आयें लोगों नें मन्दिराें पर पूुजा– अर्चना कर अपने संतान के दीर्घायु होने की कामनाए की।


