Tuesday, June 2, 2026
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अलीगढ़-रेलवे विभाग की लापरवाही कारण हुआ बड़ा हादसा नीलांचल एक्सप्रेस ट्रेन में सवार एक यात्री दिल दहला देने वाली दर्दनाक मौत।

अलीगढ़-रेलवे विभाग की लापरवाही कारण हुआ बड़ा हादसा नीलांचल एक्सप्रेस में सवार एक यात्री दिल दहला देने वाली दर्दनाक मौत।

अलीगढ़- रेलवे की लापरवाही से एक बड़ा हादसा हो गया. कोच में सीट पर बैठे यात्री की गर्दन से होकर लोहे की रॉड आर-पार हो गई. जिसके बाद मौके पर ही यात्री की मौत हो गई। इस दर्दनाक है घटना ने यात्रियों को झकझोर कर रख दिया।घटना की जानकारी होते ही आरपीएफ,सीआरपीएफ और रेलवे के आला अधिकारी मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

आरपीएफ सीओ केपी सिंह का कहना है की अलीगढ़ स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 पर नीलांचल एक्सप्रेस करीब 9:30 बजे आई थी। अलीगढ़ से गुजर रही नीलांचल एक्सप्रेस में सवार एक यात्री अपनी सीट पर बैठा था, तभी अचानक खिड़की को तोड़ते हुए एक रॉड उसकी गर्दन से होते हुए सिर के पिछले हिस्से से निकल गयी इस दुखद हादसे के कारण शख्स ने मौके पर ही मौत हो गयी।

लोहे की रॉड (सब्बल) आर-पार हो गई. रॉड इतनी तेजी से घुसी थी कि इसका दूसरा हिस्सा कंपार्टमेंट की दीवार को पार कर गया और दूसरी ओर बैठा शख्स भी बाल-बाल बच गया. अचानक हुए इस हादसे को देख कोच में अफरा-तफरी मच गयी। इस घटना कैसे हुई इसको लेकर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है । लेकिन बताया जा रहा है। कि हादसे में जो रॉड शख्स के शरीर के आर-पार निकल गई वो एक सब्बल है, जो कि पटरी पर पड़ा हुआ था. जब ट्रेन तेज रफ्तार में उसके ऊपर से गुजरी तो वो उछला कोच में बैठे यात्री का मौत हुई। मृतक की पहचान हरिकेश पुत्र संतराम निवासी सुल्तानपुर के लंभुआ तहसील के चांदा थाना के गोपीनाथपुर गांव के रहने वाले थे। गुरुवार को घर जाने के लिए दिल्ली से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए थे। ट्रेन अलीगढ़ के सोमना पहुंचने वाली थी, तभी यह घटना हुई। हरिकेश दिल्ली में मोबाइल टॉवर से जुड़ी कंपनी में टेक्नीशियन थे। वह ट्रेन के जनरल कोच में खिड़की के किनारे बैठे हुए थे और बहन की ननद की शादी में शामिल होने जा रहा था। अलीगढ़ के ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले हरिकेश के शव को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। घटना की जानकारी मिलने के बाद शाम को पिता संतराम और भाई अलीगढ़ पहुंचे।

उन्होंने बताया कि हरिकेश 4 भाई और 5 बहनों में सबसे छोटा था। वह अपनी बहन की ननद की शादी में शामिल होने के लिए लखनऊ जा रहा था। बहन ने अपने भाई को फोन करके बुलाया था और शादी में शामिल होने के लिए कहा था। हरिकेश की शादी लगभग 5 साल पहले हो चुकी है। उसके दो बच्चे भी हैं। पत्नी शालिनी परिवार के साथ सुल्तानपुर में ही रहती हैं। हरिकेश दिल्ली में रहकर नौकरी करता था और बीच-बीच में सुल्तानपुर आता-जाता रहता था।

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