Sunday, May 31, 2026
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गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो का तहसीलदार ज़मानिया द्वारा किया गया क्षेत्र का निरीक्षक।

गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो का तहसीलदार ज़मानिया द्वारा किया गया क्षेत्र का निरीक्षक।

ज़मानिया / गाजीपुर- क्षेत्र में गंगा नदी के बढ़ते जल स्तर के मद्देनजर जिले के जमानियां क्षेत्र का तहसीलदार ज़मानिया द्वारा।बृहस्पतिवार को निरीक्षण किया गया।

फ़ोटो- गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो का निरीक्षण करते  तहसीलदार ज़मानिया लालजी विश्वकर्मा ।

जानकारी के अनुसार गंगा के जलस्तर में तेजी में लगातार बढोत्तरी को लेकर वढते बाढ के खतरे के बाद तहसील प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है ,आज गुरूवार को तहसीलदार लालजी विश्वकर्मा ने अपने मातहतों संग क्षेत्र स्थित बलुआ, हरपुर, राघोपुर बलुआ, चक्काबांध, हरपुर,राघोपुर,देवरियां,सतुआनी आदि गंगा घाटो का निरीक्षण कर लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने के निर्देश दिए।

साथ ही उन्होंने कर्मचारियों को बाढ से अति प्रभावित 25 गावों को लेकर विशेष सतर्क रहने को कहा साथ ही राजस्व कर्मियों को बाढ कंट्रोल रूम,बाढ राहत शरणालय,राहत केन्द्र, बाढ राहत सामाग्री वितरण केन्द्र, स्वास्थ चौकियों के बारे में जानकारी हासिंल की।

तहसीलदार लालजी विश्वकर्मा ने बताया कि जल आयोग के अनुसार जलस्तर में तीन से चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की बढोत्तरी जारी है,बताया कि वर्तमान समय में दोपहर बारह बजे गंगा का जलस्तर 60.520 मीटर तक पहुंच चुका था ,बताया कि गंगा अब खतरे के निशान से मात्र 2.585 मीटर नीचे बह रही है।

बाढ को लेकर उन्होंने तहसीलदार सभागार में बाढ में ड्यूटी में लगे कर्मचारियों, ग्राम प्रधानों संग बैठक सम्भावित बाढ से निपटने के लिए निर्देश दिए ,उन्होंने निर्देशित किया कि गंगा में नाव  संचालन  नहीं होना चाहिए। तहसीलदार लालजी विश्वकर्मा ने बताया कि बाढ से 8 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल पर पड़ता है।

उप जिलाधिकारी भारत भार्गव ने बताया कि जमानियां क्षेत्र में कुल 258 गांव हैं। जिसमें से 107 गाँव बाढ प्रभावित है जिनमें से 25 गांव बाढ से अति प्रभावित हैं। उन्होनें बताया कि हर साल बाढ से करीब 70 हजार 653 परिवार के तीन लाख की आबादी प्रभावित होती है। बाढ़ से 8055 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर भी असर पडता है।बताया कि यह क्षेत्र दो तरफ से गंगा और कर्मनाशा नदी से घिरा हुआ है।

बाढ से निपटने के लिए कुल 41 बाढ चौकी, 6 बाढ राहत केन्द्र, 40 नाव, 7 बाढ़ राहत शरणालय बनाए गए हैं। जनकि एक दर्जन गोताखोर और दो दर्जन से अधिक आपदा मित्रों को हर समय सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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