वाराणसी – प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का विजन देश को 2025 तक क्षयमुक्त करने का है इसी से प्रेरणा लेते हुए नगर की प्रमुख समग्र सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक संस्था संकल्प ने अपने क्षयमुक्त काशी- निरोग काशी अभियान को और गति देते हुए नगर के प्रमुख ह्रदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ अश्वनी कुमार जैन की स्मृति में डॉ अश्वनी कुमार जैन क्लिनिक मलदहिया में क्षय रोगियों को केवल दवा नि:शुल्क देने का निर्णय लिया है
वैसे तो संकल्प ने इस अभियान का शुभारंभ वर्ष 1997 में मदर टेरेसा वाराणसी के 14 रोगियों के इलाज से शुरू किया था l समय व्यतीत होता गया और इस महाअभियान से लोग जुड़ते गए और देखते-देखते एक ऐसा कारवां बन गया जिसकी शायद किसी ने कल्पना नहीं की थी l
इस महा अभियान में अब तक शहर के कई जाने-माने प्रसिद्ध चिकित्सकों के अलावा कई समाजसेवी एवं धर्मार्थ इसे सफलता के सोपान की ओर ले जाने का दृढ़ निश्चय एवं संकल्प ले चुके हैं lवर्ष 1997 से अब तक लगभग 10,000 से अधिक क्षयरोगी पूर्ण रूप से क्षयरोग से मुक्त होकर अपने परिवार के साथ खुशहाली का जीवन व्यतीत कर रहे हैं इस अभियान में मरीजों की सेवा शिविर लगाकर की जाती थी किंतु कोविड महामारी के कारण शिविर में थोड़ा अवरोध उत्पन्न हो गया किंतु संकल्प ने अपनी सेवा भाव किसी ना किसी तरह से जारी रखा
इसी क्रम में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विजन को ध्यान में रखते हुए उनकी प्रेरणा से अनिल कुमार जैन ने डॉ अश्वनी कुमार जैन क्लिनिक मलदहिया में उनके युवा सुपुत्र डॉक्टर हर्षित जैन ( पूर्व सीनियर रेजिडेंट सर गंगाराम अस्पताल दिल्ली) के देखरेख में स्वर्गीय डॉ अश्वनी कुमार जैन की स्मृति में रोगियों को केवल दवा निशुल्क देने का निर्णय लिया है संकल्प के संरक्षक एवं स्वर्गीय डॉ अश्वनी कुमार जैन के बड़े भाई अनिल कुमार जैन की प्रेरणा से क्षय रोगियों को केवल दवा निशुल्क देने से रोगियों को काफी राहत मिलेगी।
अनिल जैन के अनुसार जो रोगी डॉ हर्षित जैन का परामर्श लेकर आएंगे उन्हें ही संकल्प की ओर से टीवी की दवाएं निशुल्क प्रदान की जाएगी संकल्प के इस निर्णय से काफी लोग लाभान्वित हो रहे हैं क्योंकि टीवी की दवाएं उन्हें निशुल्क प्राप्त हो रही है अपनी सेवा भाव को जारी रखते हुए संकल्प ने मारवाड़ी अस्पताल, सेवा सदन और रामकृष्ण मिशन में टीवी की कुछ महत्वपूर्ण दवाएं भी निशुल्क दिया है इन चैरिटेबल संस्थाओं में संकल्प के इस प्रयास की काफी सराहना भी की है।

