०सतुआनी घाट शिव मंदिर परिसर की विवादित भूमि पर अवैध रूप से कब्ज़ा करने को लेकर दबंगों को नही है कोई भय ।
०कुछ माह पूर्व बब्बनपुर मौजा स्थित सतुआनी घाट शिव मंदिर परिसर की विवादित भूमि पर अवैध रूप से कब्ज़ा करने को लेकर विवादित भूमि हल्का लेखपाल के साथ मारपीट से प्रारम्भ हुई मामले में वृहस्पतिवार को सैकडो की संख्या में लोगो के खिलाफ एक पक्षीय कार्यवाही करते हुए उपजिलाधिकार जमानियां के आदेंश पर पुलिस प्रसाशन द्वारा शान्ति भंग मे चालान कर दिया गया।
जमानियां ⁄ गाजीपुर– वर्तमान सरकार में विवादित भूमियो पर लगातार लोगो द्वरा कब्जा करने की कारनामे सामने आ रहे हैं वैसा ही मामला कुछ माह पूर्व बब्बनपुर मौजा स्थित सतुआनी घाट शिव मंदिर परिसर की विवादित भूमि पर अवैध रूप से कब्ज़ा करने को लेकर विवादित भूमि हल्का लेखपाल के साथ मारपीट से प्रारम्भ हुई मामले मे एक नया मोड आ गया हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विवादित भूमि पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने के लिए दबंगो द्वारा चबूतरे का निर्माण कराया जा रहा था इसी बीच विपक्षीगण शिव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और कार्य को रुकवा दिया। वही समर्थकों ने किये गये नवनिर्माण को भी उखाड़ दिया। विवाद की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई।
जहां उपजिलाधिकारी भारत भार्गव ने दोनों पक्षों से वार्ता की और समझाने का प्रयास किया लेकिन शिव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता मामले का फैसला होने तक निर्माण न कराने की बात पर अड़े रहे। जिस पर पुलिस ने दोनों पक्ष के लोगों को थाने में बैठा दिया। जहां शिव मंदिर के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता अपने 50 से अधिक समर्थकों के साथ आमरण अनशन पर बैठ गये। मामले की नजाकत को देखते हुए पुलिस ने पीएसी सहित आस पास के थानों की पुलिस को बुला लिया और जयप्रकाश गुप्ता सहित उनके समर्थकों को बस से जेल भेज दिया।

इस बारे में पूछे जाने पर उपजिलािधिकारी भारत भार्गव ने बताया कि मंदिर प्रकरण के विवाद को लेकर दोनों पक्षों को कोतवाली लाया गया था लेकिन एक पक्ष के 50 लोग आमरण अनशन पर बैठ गए। जिनके खिलाफ शांति भंग, निर्माण को तोड़ना व निर्माण सामग्री लेकर जाना सहित अन्य धाराओं में मुकदमा किया गया है। पूछताछ में जयप्रकाश गुप्ता के साथ धरना पर बैठे 36 लोगों ने बताया कि उन्हें गुमराह कर कोतवाली लाया गया है। जिन्हें चेतवानी देकर छोड़ दिया गया है। शेष 14 लोगों को शांति भंग में जेल भेज दिया गया है।

