० सरकारी विभागों में कर्मचारियों द्वारा धनउगाही करने की शिकायत के बाद भी वर्तमान सरकार में नहीं हो रही हैं कोई कार्यवाही।
सेवराई। स्थानीय तहसील क्षेत्र में कार्यरत एक लेखपाल द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में पैसों की मांग करने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित व्यक्ति ने तहसीलदार सेवराई को लिखित पत्र देकर संबंधित लेखपाल के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है।

तहसील क्षेत्र के अंतर्गत मूल रूप से गोड़सरा गांव निवासी संतोष गौड़ पुत्र शिवजी राम गौड़ अनुसूचित जनजाति से संबंध रखते हैं। इनको जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ने पर इन्होंने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर अपनी जाति छोड़ने को कहा तो उन्होंने प्रार्थी से इसकी एवज में सम्बंधित दस्तावेज के अलावा पैसे की मांग कर दी।
जब पीड़ित ने सारे दस्तावेज के तहत जाती प्रमाण निर्गत करने की बात कही तो संबंधित लेखपाल द्वारा टालमटोल करते हुए एक महीना बिता दिया गया। पीड़ित ने तहसीलदार सेवराई राम जी को प्रार्थना पत्र देकर संबंधित लेखपाल जितेंद्र कुमार के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि सेवराई तहसील के विभिन्न ग्राम पंचायतों में तैनात लेखपालों द्वारा आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र निर्गत करने के जांच के दौरान संबंधित आवेदन कर्ताओं से अवैध वसूली की जा रही है
आए दिन इसकी शिकायत मिलने के बावजूद उच्चाधिकारियों द्वारा मामले का संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। जिस पर आवेदन कर्ताओं को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है अपने काम कराने के लालच में आवेदनकर्ता मजबूरी बस संबंधित लेखपाल को मांग की गई राशि देकर काम करने को विवश है। लेखपालों द्वारा आम जनमानस का शोषण इस कदर बढ़ गया है कि लोग त्रस्त आ चुके हैं।
कई अन्य मामलों में भी लेखपालों द्वारा हीला हवाली और अवैध धन उगाही के कारण उन पर औपचारिक कार्रवाई भी की गई बावजूद इसके इस तरह के मामलों पर चौरई तहसील प्रशासन अंकुश लगाने में अक्षम साबित हो रहा है।
इस बाबत तहसीलदार रामजी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है पीड़ित के प्रार्थना पत्र अनुसार संबंधित के खिलाफ जांच उपरांत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

