जमानिया के सरकारी विभागों में बैठे अंधभक्तो को नहीं दिखाई दे रहा है राष्ट्रीयध्वज का अपमान।
जमानिया/गाज़ीपुर- नगर स्थित राजकिय बालिका विद्यालय के मुख्य दरवाज़े के सामने विशालकाय तिरंगे का हो रहा है अपमान, अंधभक्तो को नही पता है इसका मान और वही सरकारी महकमा फ़रमा है आराम,

आपको बता दें कि, यह नगर अपने आप मे एक मिशाल है , जमदग्नि ऋषि की पावन धर्मस्थली के नाम विख्यात यह जमानिया नगर अधिकारियों से भरा पड़ा है, जहा नगर क्षेत्र में उपजिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी पशुचिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग, क्षेत्राधिकारी कार्यालय और कोतवाली भी है।
सभी अधिकारी इसी रास्ते से प्रतिदिन आते-जाते लेकिन किसी की नज़र इस इतनी बड़ी चुनौती पर नही पड़ी। इससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि हमारे नगर में स्थित विभागों के अधिकारी कितने जिम्मेदार है। और नगर क्षेत्र और नागरिकों समस्याओं के प्रति कितने वफ़ादार, बस राम राम जपना और हाराम का माल हड़पना।
बात यही ख़त्म नहीं होती है, नगर में कुकूरमुत्ता जैसे धूम रहे हज़ारो-लाखों की संख्या में, कई पार्टियों के दलाल, देश भक्त और कुकूमुत्ता कैसे घूमरहे चौथे स्तंभ के बिचौलियो की भी नज़र नही पड़ी । इसी राष्ट्रीय ध्वज के मान सम्मान और देश की रक्षा के लिए कितने ही बलिदानियों ने अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। आज अगर वो होते तो यह देखकर यही कहते कि हमने किन नमक हरामो और ग़द्दारो के हाथों देश सौंप दिया।
फहराने के मुख्य नियम :- दिन और रात: अब आम नागरिक, निजी संगठन और शैक्षणिक संस्थान दिन और रात दोनों समय तिरंगा फहरा सकते हैं, बशर्ते झंडा उचित प्रकार से रोशनी में हो और पूरी तरह से दिखाई दे। सही दिशा: झंडा फहराते या लगाते समय केसरिया पट्टी हमेशा सबसे ऊपर होनी चाहिए।
फटा या मैला झंडा नहीं: कभी भी फटा, क्षतिग्रस्त या मैला-कुचला झंडा नहीं फहराया जाना चाहिए । जमीन से स्पर्श न हो: झंडा किसी भी परिस्थिति में जमीन या फर्श को नहीं छूना चाहिए और न ही पानी में डुबोया जाना चाहिए
क्या न करें (वर्जित कार्य) :- पोशाक या सजावट: तिरंगे का उपयोग किसी भी प्रकार की पोशाक, यूनिफॉर्म, रुमाल, तकिया, या मंच सजाने के लिए नहीं किया जा सकता ।विज्ञापन और स्लोगन: झंडे पर किसी भी तरह का नारा, शब्द, लोगो (logo) या कोई भी अन्य लिखावट छापना गैर-कानूनी है अन्य ध्वज: तिरंगे को किसी अन्य झंडे या पताका के साथ एक ही मस्तूल (डंडे) पर सबसे ऊपर या तिरंगे के ऊपर नहीं लगाया जा सकता।
वाहन और गाड़ियां :- आम नागरिकों को अपनी गाड़ियों पर तिरंगा लगाने की अनुमति नहीं है। यह अधिकार केवल संवैधानिक और उच्च पदस्थ व्यक्तियों (जैसे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, आदि) को ही प्राप्त है।
अनादर पर सजा – राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने (जैसे- जानबूझकर जमीन पर गिराना, फाड़ना, जलाना या गलत तरीके से प्रदर्शित करना) पर राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 की धारा 2 के तहत 3 साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों का सख्त प्रावधान है।

