राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत शिविरार्थियों को क्षय रोग के निवारण हेतु लगाई गई कार्यशाला
गाजीपुर। जमानियां स्थानीय स्टेशन बाजार स्थित हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय जमानियां गाजीपुर में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में प्रातः शिविरार्थियों द्वारा शिविर की साफ सफाई प्रार्थना कें पश्चात् परामर्श चिकित्सक डॉ विजय श्याम पांडेय द्वारा योगाभ्यास और ध्यान शिविरार्थियों को सिखाया गया तत्पश्चात् इकाई प्रथम और द्वितीय के शिविरार्थियों द्वारा प्रशांत नगर कालोनी की साफ-सफाई की गई। कार्यक्रम की अगली कड़ी में भूगोल विभाग के प्राध्यापक डॉ अरुण कुमार सिंह द्वारा शिविरार्थियों को बौद्धिक सत्र को दौरान “पर्यावरण संरक्षण” विषय पर भूगोल विभाग के प्राध्यापक डॉ अरुण कुमार सिंह द्वारा बौद्धिक सत्र की शुरुआत की गई।उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के बढ़ते अविवेकपूर्ण उपयोग के बीच पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि मृदा संरक्षण, भूमिगत जल प्रतिधारण, स्थानीय अर्थव्यवस्था के संबंध में वन संरक्षण की भूमिका के बारे में बताया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में भारत सरकार के परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा संचालित तपेदिक उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गाजीपुर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में जिला क्षय रोग प्रभारी डॉ संजय कुमार एवं उनकी टीम द्वारा शिविरार्थियों को क्षय रोग के लक्षण एवं उपाय के बारे में विस्तार से चर्चा की आगे उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से जुड़े डॉ संजय कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री ने 2025 तक टीबी उन्मूलन के लिए कहा है। ऐसे में विशेष अभियान के जरिए नए टीबी रोगियों को खोजने, टीबी मरीजों की मृत्यु दर को कम करना और स्वस्थ व्यक्तियों में टीबी संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें ट्रेसिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट तथा अन्तर्विभागीय समन्वय पर जोर रहेगा। उन्होंने छात्रों को समाज की सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय सामुदायिक भागीदारी के महत्व के बारे में बताया।
कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ अभिषेक तिवारी ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ राकेश कुमार सिंह ने किया।
अंत में छात्राओं द्वारा समूह गान “हम होंगे कामयाब” की प्रस्तुति दी गई।

