फरियादीयो से बदसलूकी और उनके केस में हीलाहवाली करने में आरक्षी समेत कई उपनिरीक्षक लाईन हाज़िर, मचा हड़कंप।
गोरखपुर – लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद एक तरह से थानेदार से लेकर सिपाही तक मनमौजी हो गई थी। थाने या चौकी पर आने वाले फरियादी से बदसलूकी और उनके केस में हीलाहवाली करने वाले 55 सिपाहियों को SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने पुलिस लाइन भेज दिया। इस कारवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
हाल के पांच दिनों में केस दर्ज होने से लेकर निलंबन, लाइन हाजिर के जद में 13 पुलिस वाले आ चुके हैं।अब ऐसे ही 36 और पुलिस वाले गोपनीय जांच के दायरे में है, जिस पर कभी भी कार्रवाई हो सकती है। खबर है कि इसमें से 29 पुलिस वालों ने अपना बयान दर्ज भी करा दिया है, जो खुद को बेगुनाह बता रहे हैं। वहीं, अन्य के बयान के बाद कार्रवाई संभव है। तीन थाने भी इस जद में हैं।
जानकारी के मुताबिक, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर हर क्राइम मीटिंग में थानेदार से लेकर अन्य मातहतों को यही चेताते हैं कि कहीं से भी धनउगाही या फिर अभद्रता की शिकायत न आने पाए। लेकिन, कुछ पुलिस वालों की हरकत से पूरी गोरखपुर पुलिस कटघरे में आ जाती है। अब ऐसे ही पुलिस वालों को चिन्हित कर उनपर कार्रवाई की जा रही है।
खोराबार इलाके के एक चौकी इंचार्ज का मामला करीब छह महीने पहले सामने आया, जिसने एक युवक से रुपये की वसूली की थी। उस पर केस दर्ज कराया गया तो कुछ दिन पुलिस वालों में डर भी दिखा। लेकिन, चुनाव के समय अफसरों के व्यस्त होते ही पुलिस वालों ने फिर वही हरकत की तो आठ जून को जगदीशपुर चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिस वालों पर रंगदारी मांगने का केस दर्ज हुआ। वसूली शिकायत पर कैंपियरगंज के दरोगा निलंबित हुए।
अब एसएसपी ने बुधवार की देर रात तिवारीपुर थानेदार सुनीता सिंह को लाइनहाजिर कर दिया गया। इसके अलावा एसपी सिटी के रीडर शेष कुमार शर्मा, गोरखनाथ थाने के सिपाही कृष कुमार गुप्ता को भी लाइनहाजिर किया गया है। कई और पुलिस वालों की सूची भी तैयार हो गई है, जिस पर कार्रवाई तय मानी जा रही है
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप आम लोगों की मदद के लिए पुलिस है। अगर उनके साथ बदसलूकी या दूसरी शिकायत आती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने पुलिस से आम लोगों से बेहतर संवाद करने की अपील को दोहराया।

