Thursday, July 16, 2026
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कुवैत हादसा, भीषण अग्निकांड में मरने वालों में 45 भारतीय मजदूर जबकि 50 से अधिक घायल।

कुवैत हादसा, भीषण अग्निकांड में मरने वालों में 45 भारतीय मजदूर जबकि 50 से अधिक घायल।

दुबई/कुवैत – दक्षिणी शहर मंगाफ में सति मंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड में मरने वाले 45 लोगों की पहचान भारतीयों के रूप में हुई है। इनमें तीन उत्तर प्रदेश के हैं।

फ़ोटो -: कुवैत में घायलों से मुलाकात करते विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन।

जिसकी जानकारी अरब टाइम्स ने कुवैत के प्रथम उप प्रधानमंत्री शेख फहद अल-यूसूफ अल-यूसुफ के हवाले से बताया कि अधिकारियों ने अब तक 48 शवों की पहचान की है। आखिरी शव की पहचान का भी प्रयास किया जा रहा है। कुवैत भारत लाने के लिए के दक्षिणी शहर मंगाफ में सति मंजिला इमारत में हुए हादसे में वायुसेना का सुपर हरक्युलिस तैयार 49 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 50 से अधिक घायल हुए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार यूपी के मृतकों में वाराणसी के माधव सिंह और गोरखपुर के जयराम गुप्ता और अंगद गुप्ता थे। 24 मृतक केरल के थे। केरल सरकार ने इनके परिजनों को 5-5 लाख रुपये की मदद की घोषणा की है। इस बीच, भारत के विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह कुवैत पहुंच गए हैं। वहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की है। सिंह स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर शवों को भारत लाने के प्रयास में जुटे हैं।

भारतीय वायुसेना का एक सुपर हरक्युलिस विमान शवों को लाने के लिए हिंडन एयरबेस पर तैयार रखा गया है। वहीं, कुवैत प्रशासन ने शवों की पहचान स्थापित करने के बाद वादा किया कि वह हादसे की त्वरित जांच करेगा और शवों को वापस भेजने में पूरी मदद करेगा। पता चला है कि इमारत में 196 श्रमिक रखे गए थे। एक दिन पहले यह संख्या 160 बतायी गया।

सिलिंडर नहीं, शॉर्ट सर्किट से लगी आग-:

जानकारी के अनुसार, इमारत में आग रसोई घर में सिलिंडर फटने से नहीं, बल्कि बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। कुवैत फायर सर्विस ने बृहस्पतिवार को जांच के बाद आग के कारण का खुलासा किया है। आग में अब तक 49 लोगों की मौत हो चुकी है, 50 से अधिक घायल हैं।कुवैत के अधिकारियों ने इमारत में आगजनी के बारे में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में अपने एक नागरिकऔर कई निवासियों को हिरासत में लिया है। अधिकारी अभी इस घटना की जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान में जुटे हैं। आग में मरने वाले 45 भारतीयों में कम से कम 24 केरल से होने की पुष्टि हुई है।

यह संख्या और ज्यादा हो सकती है। विदेश में रह रहे केरलवासियों की नोरका रूट्स नामक सरकारी एजेंसी ने इस संख्या की जानकारी दी है और मृतकों के परिवार वाले अब भी सरकार की ओर से पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं। केरल के सात लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

नोरका सचिव के वासुकी ने बताया कि केंद्र सरकार ने शवों को लाने के लिए विशेष विमान की व्यवस्था की है मृतकों में मुरलीधरन शामिल हैं जो पिछले 32 सालों से कुवैत में काम कर रहे थे और इसमें से 10 साल इमारत का मालिकाना हक रखने वाली कंपनी में बतौर सीनियर सुपरवाइजर तैनात थे। तमिलनाडु के अल्पसंख्यक कल्याण और प्रवासी तमिल कल्याण मंत्री केएस मस्तान ने बताया कि कुवैत अग्निकांड में जान गंवाने वाले भारतीयों में 7 के तमिलनाडु से होने का पता चला है। मस्तान ने बताया, यह सूचना कुवैत के तमिल संगम ने दी है। अब तक भारतीय दूतावास ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। मरने वालों में तीन यूपी के हैं।

कुवैत की इमारत में लगी आग ने 49 जानें लील लीं। आग इतनी भयावह थी कि धुएं के गुबार में जान बचाने के लिए कोई उपाय न दिखने पर कई लोगों ने मजबूरी में इमारत से छलांग लगा दी। उत्तरी केरल के तिरिकरिपुर के निवासी नलिनक्क्षम इमारत की तीसरी मंजिल पर फंसे थे।

आग की लपटों को देख सेकंड से भी कम समय में उन्होंने एक निर्णय लिया और इमारत के निकट बने पानी के टैंक में छलांग लगा दी। इस छलांग के कारण उसके रिब्स में व शरीर के अन्य हिस्सों में चोट आई है, लेकिन उसकी जान बच गई। घटनास्थल के निकट ही रहने वाले रिश्तेदारों ने उसे समय पर तलाश लिया और अस्पताल ले गए। रिश्तेदारों ने बताया कि जब उन्हें पानी से निकाला गया तो उनके, शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी। उनके मुंह से खून भी निकल रहा था।

बाद में उनका ऑपरेशन हुआ और अब उनकी हालत में सुधार हो रहा है। हालांकि हर कोई इतना खुशकिस्मत नहीं साबित हुआ। केरल के ही 27 वर्षीय श्रीहरि की झुलसने से मौत हो गई। उनके शव की पहचान पिता प्रदीप ने हाथ पर बने टैटू से की। वही प्रदीप ने बताया, अधिकारियों ने फोन कर उन्हें बेटे की शव की पहचान करने अस्पताल बुलाया। शव का चेहरा पूरी तरह बिगड़ चुका था। किसी तरह हाथ पर बने टैटू से पहचाना।

बेटा फोन नहीं उठा रहा, कोई जानकारी भी नहीं मिल रही…केरल निवासी कैमिकल इंजीनियर साजन जॉर्ज के मोदी परिवार वालों को पता नहीं है कि जॉर्ज कुवैत में किस हाल में हैं। आगजनी की घटना के बाद से वह फोन नहीं उठा रहे हैं न ही उनकी मौत की पुष्टि हुई है। जॉर्ज के दोस्तों ने परिवार को बताया कि घटना के समय शायद जॉर्ज उसी इमारत में थे लेकिन वह भी इसे लेकर आश्वस्त नहीं हैं।

 

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