जमानिया। वाम दलों का संयुक्त देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर भाकपा माले के कार्यकर्ताओं द्वारा तहसील मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना एवं सभा किया। जिसके बाद महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित मांग पत्र नायब तहसीलदार दिया गया।

वही सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले केन्द्रीय कमेटी सदस्य कामरेड ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि
फिलिस्तीन पर लगातार जारी अमरीकी–इजरायली हमले के 7 तारीख को एक महीने पूरे हो गए।.अब तक 10 हज़ार से ज़्यादा बेगुनाहों कि जानें जा चुकी है। जिनमें लगभग 6 हज़ार बच्चे व महिलाएं शामिल हैं।. रिहायशी इलाकों, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, मस्जिदों , राहत कैंप व एम्बुलेंस पर बमबारी कीजारहि है। जिस वजह से बिजली , पानी, रसद व जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति काट दी गई है । यह एक खुला जनसंहार है। एक समूचे देश के वजूद को मिटा देने की कोशिश है। युद्ध व मानवाधिकार से जुड़े तमाम अंतरराष्ट्रीय नियम व मान्यताएं धरी की धरी है। घेर कर मारेंगे और रोने भी नहीं देंगे’ की तर्ज पर अमेरिका के नेतृत्व में खुली दादागिरी चल रही है। कुल मिलाकर जुल्म और अन्याय के एक भयानक दौर के हम गवाह हैं.
दुनिया भर में लाखों लोग सड़कों पर आकर न सिर्फ़ इसका विरोध करते हुए तत्काल शांति की मांग कर रहे हैं बल्कि अपनी सरकारों पर फिलिस्तीनी अवाम के पक्ष में खड़े होने का दबाव बना रहे है। इन विरोध प्रदर्शनों में अमेरिका और यूरोप के लाखों लोगों के साथ ‘हमारे नाम पर नहीं’ के नारे के साथ यहूदी समुदाय के लोग भी सड़कों पर हैं। भारत फिलिस्तीनी आवाम के मुक्ति आंदोलन का पुराना समर्थक रहा है। देश की मौजूदा मोदी सरकार न्याय और शांति के हमारे इस परंपरागत रुख को पलटकर बेगुनाहों के नरसंहार और खुले अन्याय के समर्थन में खड़े होते हुए अमरीका–इसरायल परस्त विदेश नीति पर चल रही है। सभा में प्रमुख रूप से भाकपा माले केन्द्रीय कमेटी सदस्य कामरेड ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा, शशिकांत कुशवाहा, विजय बनवासी, रामप्रवेश कुशवाहा, चन्द्रावती बिन्द, गोरख राजभर, मुराली बनवासी, बुच्चीलाल, सुबेदार राम, रामनगीना पासी, लालू बिन्द, लालजी बनवासी, जगबली राजभर, श्यामप्यारी देवी आदि ने संबोधित किया और मौजूद रहे।

