जमानियां। प्रधानमंत्री का महत्वाकांक्षी योजनाओं में सुमार स्वच्छ भारत अभियान का स्थानीय नगर छेत्र में हवा निकल रही है। जहां तहां फैली गंदगी और अधिकारियों की लापरवाही के चलते जमानिया तहसील परिसर में जहां तहां गंदगी का अम्बार लगा हुआ है।

जहा
प्रधानमंत्री द्वारा गांधी जयंती एक अक्टूबर 2014 पर शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान पर सरकार बहुत धनराशि खर्च कर रही है वही नगर में स्वच्छता का खास असर नहीं दिख रहा है। स्वच्छता अभियान कागजों पर ही उड़ान भर रहा है और अधिकारी कागजों को प्रस्तुत कर वाहवाही बटोरने में जुटे हुए है। इन दिनों नगर में फनी सामुदायिक लघुशंका गृह में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नगर में मौजूद तहसील परिसर स्वयं इस पीड़ा से पीड़ित है। तहसील परिसर में साफ सफाई के अभाव में छतो‚ दिवारो तक पर पेड़ उग गये है। नालियां बजबजा रही है और कूड़ा घरों के दरवाजों पर बिना समय दस्तक देते रहते है। साफ सफाई का आलम ये है कि तहसील के आवास‚ कैंटीन सहित सीओ कार्यालय के छतों पर पौधे उग गये है। जिम्मेदारों के सर के ऊपर ही गंदगी है तो भला दूसरे शू दूर इलाको के हाल का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। रंग रोहण तो दूर यहां साफ सफाई का नामो निशान नहीं दिख रहा है। वही अधिकारी भी कार्य की अधिकता का हवाला देते हुए मौन साधे हुए है। प्रधान मंत्री के स्वच्छ भारत अभियान जब तहसील में ही दम तोड रहा है। सफाई कर्मचारी सफाई के नाम पर खानापूर्ति कर लौट जाते है और गंदगी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।

