भाविप द्वारा विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर ‘तम्बाकू छोड़ो,जिन्दगी चुनों’ नामक गोष्ठी का आयोजन।
नन्दगंज- भारत विकास परिषद् मौनी बाबा ,नन्दगंज द्वारा बुधवार को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर नशा मुक्त समाज हेतु ‘तम्बाकू छोड़ो जिन्दगी चुनो’ अभियान को लेकर तम्बाकू निषेध जन जागरुकता नामक संगोष्ठी का आयोजन मौनीबाबा धाम चोचकपुर में भारत विकास परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
संगोष्ठी कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए भाविप के उपाध्यक्ष सुभाष यादव ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान साप्ताहिक चलेगा । इस अभियांन के तहत गांव -गांव के साथ ही नन्दगंज , चोचकपुर ,रामपुरमाझा , करण्डा , पहाड़पुर ,देवकली, आदि बाजारों के औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले मजदूरों को जागरुक करने के साथ ‘तम्बाकू छोड़ो जिन्दगी चुनों ‘ का नारा देकर समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प भी दिलाया जाएगा।
भारत विकास परिषद् नशा मुक्ति प्रकल्प के प्रमुख एवं संगोष्ठी के संयोजक सुमिरन सिंह यादव ने अपने सम्बोधन में तम्बाकू से होने वाले खतरों एवं उसके दुश्प्रभावों के बारे में विधिवत जानकारी देते हुए कहा कि डब्लूएचओ द्वारा सन् 1987 से प्रतिवर्ष 31 मई को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के रुप में मनाया जाता है। पान, गुटखा, सिगरेट, दोहरा, खैनी, सुर्ती एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद मानव सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक होता हैं।
इससे कैंसर के साथ हृदय, फेफड़ा, गुर्दा एवं शरीर के अन्य भागों के लिये भी नुकसान दायक होता है। इसके अलावा पान ,मसाला, गुटखा आदि खाकर लोग जगह -जगह थूकते रहते है। जिससे संक्रमण होने की संभावना और भी बढ़ जाती है l उन्होंने बताया कि तम्बाकू उत्पादक का प्रयोग करने से मुँह तथा गला में कैंसर होने का प्रमुख कारण है।
कैंसर से प्रति वर्ष करीब 4 लाख लोग अपनी जान गवाँ देते है।
नशा मुक्ति प्रकल्प के सह प्रमुख रोशन सिंह ने तम्बाकू छोड़ने का उपाय बताते हुए कहा कि नशा छोड़ने वालों को सर्वप्रथम मज़बूत इच्छा शक्ति रखनी होगी और तम्बाकू सेवन अचानक बंद करने के बजाय धीरे -धीरे उसकी मात्रा कम करना चाहिये। तम्बाकू की तलब लगने पर लौंग, इलाइची, सौंफ आदि का प्रयोग करें,और तम्बाकू का सेवन करने वालों से दूरी बना के रखें।
उन्होंने संगोष्ठी में उपस्थित लोगों का स्वागत तथा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि परिषद के अध्यक्ष सुजीत कुमार ने भारत विकास परिषद् के माध्यम से समाज में असहाय व गरीब लोगों के सेवाभाव के लिये एक अलख जगाने का कार्य किया है। इस संगोष्ठी कार्यक्रम में काफी संख्या में लोग उपस्थित रहें।

