Monday, June 1, 2026
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जयप्रकाश गुप्ता को फर्जी ढंग सें गिरफ्तार कर जेल भेजें जाने में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारीयों का हाथ– सपा विधायक जयकिशन साहू

जयप्रकाश गुप्ता को गोकशी करने वाले लोगों को संरक्षण देने के मामले में फर्जी ढंग सें गिरफ्तार कर जेल भेजें जाने को लेकर सपा विधायक जयकिशन साहू ने कहाँ सड़क पर उतरकर करुगा प्रशासन खिलाफ विरोध प्रर्दशन।  

गाज़ीपुर– स्थानीय क्षेत्र के समता भवन में सदर सपा विधायक जयकिशन साहू ने जमानियां से भाजपा सभासद जयप्रकाश गुप्ता को गोकशी करने वाले लोगों को संरक्षण देने के मामले में जमानियाँ कोतवाल प्रभारी द्वारा फर्जी ढंग सें गिरफ्तार कर जेल भेजें जाने को लेकर सड़क पर उतरकर प्रशासन खिलाफ विरोध प्रर्दशन करने को लेकर भरी हुंकार।प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रेसवार्ता के दौरान सपा विधायक ने कहाँ कि समाज सेवी और प्राचीन रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता को प्रशासन के खिलाफ़ और भ्रष्टाचार के खिलाफ़ बार-बार आवाज उठाना काफ़ी महँगा साबित हुआ 30 सितम्बर को ज़ामनिया कोतवाली पुलिस द्वारा फर्जी ढंग से कार्यवाही करते हुए उनको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। यह सर्मसार कर देने वाला प्रकरण हैं कि वर्तमान सरकार में पार्टी के कार्यकर्ता को जमानियाँ कोतवाल प्रभारी द्वारा फर्जी ढंग सें गिरफ्तार कर जेल भेजे दिया गया।

जयप्रकाश गुप्ता को गोकशी के खिलाफ हमेशा आवाज उठाता रहा, उसे भाजपा शासन में ही झूठे केस में फसा दिया गया। उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि जय प्रकाश गुप्ता कई बार पुलिस प्रशासन को गोकशी के मुद्दे पर वीडियो साक्ष्य के साथ लिखित प्रार्थनापत्र सौपा था, आज उसी भाजपा सभासद को प्रशासन ने गोकशी के केस में आरोपित कर जेल भेज दिया।

मामला वहीं नहीं खत्म होता हैं कुछ दिन पूर्व भारतीय जनता पार्टी के मण्डल अध्यक्ष द्वारा जिलाधिकारी को पत्र देकर पुलिस द्वारा रामलीला कमेटी पर कब्जा करने और भाजपा के मनोनीत सभासद जयप्रकाश को गोकशों के संरक्षण में जेल भेजने के मामले में जांच कराने की मांग की थी। जिस आधार पर ज़िलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग के डाक बंगला ज़मानिया कक्ष में एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण  कुमार सिंह के नेतृत्व में कोतवाल सहित मंडल अध्यक्ष अनिल गुप्ता और रामलीला कमेटी के उपाध्यक्ष विशाल वर्मा सहित अन्य का बयान दर्ज किया गया। लेकिन जाँच तो दूर मामला ठण्डे बस्ते में डाल दिया गया। 

मैं भाजपा के जिम्मेदार लोगों से अपील करूँगा कि जयप्रकाश गुप्ता के साथ न्याय किया जाय या उसे भाजपा के सदस्यता से निष्कासित किया जाय। साथ ही मैं प्रशासन से मांग करता हूँ। कि जयप्रकाश गुप्ता के ऊपर जो भी आरोप लगाए है। उसके साक्ष्य सार्वजनिक किया जाय।प्रशासन विगत पंद्रह दिन बीतने के बाद भी एक सबूत नही पेश कर पाया है। सपा विधायक ने कहा की बेशक जयप्रकाश गुप्ता दूसरे पार्टी के कार्यकर्ता है। लेकिन हैं तो हमारे ही समाज के, मानवता भी कोई चीज होती है। इस मुद्दे पर मैं उसके साथ हूँ। उन्होंने पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि उसे अगर न्याय नही मिला तो मैं लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर प्रशासन का पुरजोर विरोध करूँगा।

कुछ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारीयों  पुलिस से संग गांठ कर भाजपा सभासद प्राचीन रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता को फसाने का कर रहीं हैं कार्य।

प्रेसवार्ता के दौरान सपा विधायक ने कहाँ कि समाज सेवी और प्राचीन रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता को प्रशासन के खिलाफ़ और भ्रष्टाचार के खिलाफ़ बार-बार आवाज उठाना काफ़ी महँगा साबित हुआ उन्होंने बातों बातों में बीजेपी जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह पर पुलिस से संग गांठ कर भाजपा सभासद को फसाने और पैरवी न करने का आरोप लगाया है।

ज़ामनिया कोतवाली पुलिस अधिकारी अपने इस फर्जी ढंग से गिरफ्तारी करके पुलिस भले ही अपनी पीठ अपने आप थपथपा रही लेकिन सच क्या है। पुलिस भी जानती है। जमानिया नगर पालिका के मनोनीत भाजपा सभासद और श्री प्राचीन रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता को गोकशों को मदद के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजने के विरोध में कमेटी ने शुक्रवार को रात रामलीला बंद कर दी। इससे धनुष यज्ञ नहीं हुआ।

सभासद के विपक्षी खेमे को लेकर पहुंची कोतवाल वंदन सिंह ने रामलील चाल कराने का बहुत दबाव डाला। आरोप है कि रामलीला का सामान जिस कमरे में रखा हुआ था उसका ताला तोड़वाकर कमरे से ढोलक वगैरह निकलवाकर हरीकांतन कराया और चाट दुकानदार मुन्ना गुप्ता को अध्यक्ष बनवा दिया है। लेकिन वही जयप्रकाश गुप्त की पत्नी गीता देवी ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया हैं

कि क्षेत्र में कुछ विरोधी गुट को लेकर पहुंची पुलिस ने जबरन दूसरे रामलीला समिति का अध्यक्ष बनाकर मेरे पति जयप्रकाश गुप्ता को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार करने के बाद थाने में ही मेडिकल कराकर जेल भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने तीन गोकशों के 5.20 करोड़ की संपत्ति कुर्क की थी। जयप्रकाश गुप्ता को गिरफ्तारी को जमानियां पुलिस ने काफी गोपनीय रखा था। उन पर गोकर्शों धारा 120 में गिरफ्तारी के को जेल संरक्षण देने की भेजा गया है। 

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