ज़मानिया अतिप्राचीन रामलीला समिति की विवादित भूमि को पुलिस प्रशासन द्वारा अवैध रूप से कब्ज़ा करने को लेकर लोगो ने जमकर किया विरोध।
2- अति प्राचीन रामलीला समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता को एक साजिश के अध्यक्ष पद हटाकर ज़मानिया पुलिस ने शुरू किया विवादित खाली भूमि अपना कब्ज़ा।
ज़मानिया / गाज़ीपुर- ख़ाकी का खौफ़ दिखाकर स्थानीय नगर स्थित तहसील के ठीक सामने स्थित अतिप्राचीन रामलीला समिति मंच की विवादित खाली भूमि को स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा अवैध रूप से कब्ज़ा करने को लेकर लोगो ने जमकर विरोध किया गया।
फ़ोटो- उपजिलाधिकारी ज़मानिया कार्यालय के ठीक सामने अतिप्राचीन रामलीला समिति की विवादित भूमि पर अवैध रूप से अधिग्रहण कराती ज़मानिया कोतवाली पुलिस प्रशासन।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार सायंकाल ज़मानिया कोतवाली पुलिस प्रशासन द्वारा अतिप्राचीन रामलीला समिति की विवादित भूमि पर अवैध रूप से अधिग्रहण किया जा रहा था जिसकी सूचना रामलीला मैदान में सैकड़ों की संख्या में लोग पहुँच कर नगर के लोगों ने स्थानीय पुलिस की इस कार्यशैली का जमकर विरोध किया गया।
जिसके बाद कोतवाली पुलिस प्रशासन द्वारा अतिप्राचीन रामलीला समिति की विवादित भूमि पर अवैध रूप से अधिग्रहण की सूचना लोगों ने जिलाधिकारी आर्या अखौरी दी गयी। वहीं उपजिलाधिकारी ज़ामनिया आदेश के बाद कार्य रोक दिया गया। बताया जा रहा है अतिप्राचीन रामलीला से न्यायालय में विचाराधीन है।
लेकिन वही ज़मानिया कोतवाली पुलिस द्वारा भूमि पर अधिग्रहण किया जा रहा था। लेकिन लोगों के विरोध के बाद कार्य बन्द कर दिया गया। अतिप्राचीन रामलीला समिति के अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता द्वारा इस भूमि अधिग्रहण को रोकने के बार प्रशासन से कई बार लोहा ले चुके है।
समाज सेवी जयप्रकाश गुप्ता को प्रशासन के खिलाफ़ और भ्रष्टाचार के खिलाफ़ बार-बार आवाज उठाना काफ़ी महँगा साबित हुआ 30 सितम्बर को ज़ामनिया कोतवाली पुलिस द्वारा फर्जी ढंग से कार्यवाही करते हुए उनको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की इस कार्य प्रणली को लेकर नागरिकों में पुलिस प्रशासन के प्रति नाराज़गी व्यक्त किया गया है।बताया जा रहा है कि ज़मानिया पुलिस प्रशासन हो या ज़मानिया तहसील अधिकारी क्षेत्र में श्री गुप्ता द्वारा प्रशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ़ आवाज उठाना आज उनको ही नही बल्कि पुलिस प्रशासन उनके समर्थकों को दबाब बनाकर डरा धमकाकर कार्यवाही करने की बात कह रही है।
ज़ामनिया कोतवाली पुलिस अधिकारी अपने इस फर्जी ढंग से गिरफ्तारी करके पुलिस भले ही अपनी पीठ अपने आप थपथपा रही लेकिन सच क्या है। पुलिस भी जानती है।
जमानिया नगर पालिका के मनोनीत भाजपा सभासद और श्री प्राचीन रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता को गोकशों को मदद के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजने के विरोध में कमेटी ने शुक्रवार को रात रामलीला बंद कर दी। इससे धनुष यज्ञ नहीं हुआ था।
सभासद के विपक्षी खेमे को लेकर पहुंची कोतवाल वंदन सिंह ने रामलील चाल कराने का बहुत दबाव डाला। आरोप है कि रामलीला का सामान जिस कमरे में रखा हुआ था उसका ताला तोड़वाकर कमरे से ढोलक वगैरह निकलवाकर हरीकांतन कराया और चाट दुकानदार मुन्ना गुप्ता को अध्यक्ष बनवा दिया है।
लेकिन वही जयप्रकाश गुप्त की पत्नी गीता देवी ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया है कि क्षेत्र में कुछ विरोधी गुट को लेकर पहुंची पुलिस ने जबरन दूसरे रामलीला समिति का अध्यक्ष बनाकर मेरे पति जयप्रकाश गुप्ता को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार करने के बाद थाने में ही मेडिकल कराकर जेल भेज दिया।
इससे पहले पुलिस ने तीन गोकशों के 5.20 करोड़ की संपत्ति कुर्क की थी। जयप्रकाश गुप्ता को गिरफ्तारी को जमानियां पुलिस ने काफी गोपनीय रखा था। उन पर गोकर्शों धारा 120 में गिरफ्तारी के को जेल संरक्षण देने की भेजा गया है। बाद उनकी पत्नी धरने पर बैठ गई।
इसके विरोध में शुक्रवार की रात रामलीला न होने की सूचना पर पहुंची जमानियां कोतवाल वंदना सिंह ने कमेटी के पदाधिकारियों पर काफी दबाव बना लेकिन उन्होंने रामलीला का मंचन करने से इन्कार कर दिया। लेकिन पुलिस के दबाव में कमेटी ने हरीकीर्तन किया। पुलिस ने दूसरे को कमेटी का अध्यक्ष बनाने के लिए दबाव बनाया। इस घटना को लेकर वहां के लोगों में काफी आक्रोश है।
श्री प्राचीन रामलीला समिति ट्रस्ट के उपाध्यक्ष विशाल वर्मा व कोषाध्यक्ष जितेंद्र कुमार जायसवाल ने जिलाधिकारी से अध्यक्ष को फर्जी तरीके से जेल भेजने और साजिशन ट्रस्ट पर कब्जा कराने के उद्देश्य से मुन्ना गुप्ता को जबरन अध्यक्ष बनाने की शिकायत की है। कमेटी पदाधिकारी ने डीएम से सक्षम अधिकारी से निरीक्षण करने की गुहार लगायी गयी।
वही गीता देवी ने बताया कि पति जयप्रकाश गुप्ता ने आला अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर खुद को फर्जी मुकदमे में फंसाने का अंदेशा जताया था।
उनका कहना था कि जमानियां कोतवाल उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर उतारू हैं। दरअसल, जयप्रकाश गुप्ता जनता के मुद्दे को लेकर आए दिन धरना-प्रदर्शन करते रहते थे। जिसको लेकर पुलिस प्रशासन मेरे पति को फर्जी मुकदमे फसाकर जेल भेज दिया गया है।

