उपजिलाधिकार जमानियां के ब्रिटिश शासन प्रणाली के कारण सतुआनी घाट शिव मंदिर परिसर की विवादित भूमि मामले में गिरफ्तार लोगों की नहीं हो पा रही है रिहायी ।
सतुआनी घाट शिव मंदिर परिसर की विवादित भूमि मामले में गिरफ्तार लोगों की रिहायी को लेकर परिजन समेत जमानतदार उपजिलाधिकार जमानियां कार्यालय का परिजन लगा रहे है चक्कर
जमानियां। तहसील प्रांगण में रामलीला समिति के अध्यक्ष सहित कुल 14 लोगों के जमानत के लिए वर्तमान विधायक के समक्ष शनिवार को बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर बब्बनपुर मौजा स्थित सतुआनी घाट शिव मंदिर परिसर की विवादित भूमि मामले में गिरफ्तार लोगो की रिहायी के लिये जमकर नारेबाजी की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ माह पूर्व बब्बनपुर मौजा स्थित सतुआनी घाट शिव मंदिर परिसर की विवादित भूमि पर अवैध रूप से कब्ज़ा करने को लेकर विवादित भूमि हल्का लेखपाल के साथ मारपीट से प्रारम्भ हुई मामले में वृहस्पतिवार को सैकडो की संख्या में लोगो के खिलाफ एक पक्षीय कार्यवाही करते हुए उपजिलाधिकार जमानियां के आदेंश पर पुलिस प्रसाशन द्वारा शान्ति भंग मे चालान कर दिया गया था।
वही तीन दिन के बाद भी सतुआनी घाट शिव मंदिर परिसर की विवादित भूमि पर अवैध रूप से कब्ज़ा करने को लेकर विवादित भूमि मामले में गिरफ्तार लोंगो की रिहाई नहीं हो पायी है। जिसको लेकर गिरफ्तार हुवे लोगो के परिजन रिहायी को लेकर काफी दिनों परेशान है।
शनिवार को परिजन सहित अन्य जमानतदार उपजिलाधिकारी जमानिया न्यायालय पहुंचे लेकिन कुछ कारण लोगों की उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। इसी दौरान विधायक सुनीता सिंह किसी काम से तहसील पहुंची। उन्हें देख जेल में बंद जयप्रकाश सहित अन्य लोगों की रिहाई कराने को लेकर लोग नारेबाजी करने लगे।
वहीं कुछ लोग इस बाबत विधायक से वार्ता करने का प्रयास किया तो विधायक भड़क गई और तरीका सिखाते हुए तहसील के अंदर चली गई। भाजपा के मनोनीत सभासद के जेल जाने की चर्चा क्षेत्र में जोरो से हो रही है।

