जबतक सूरज चाँद रहेगा दीपक सिंह यादव जैसे जवान का नाम रहेगा इसी जयघोष के साथ जवान जमानिया के बलुआघाट पर पंचतत्वो में विलीन हो गया।
जमानिया / गाजीपुर- कश्मीर के सतवारी में तैनात जवान के पार्थिव शरीर को बुद्धवार को नगर के बलुवा घाट पर पूरे सम्मान के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए अन्तिम विदाई दी गयी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दीपक सिंह यादव (31) उदय नारायण सिंह यादव निवासी ग्राम भिटुका (नौली) भारतीय सेना के 39 जीटीसी बटालियन में वर्ष 2009 में भर्ती हुए थे। 11 वर्ष तक देश की सेवा करते रहे कुछ दिनों से उनकी तबियत ख़राब चल रही थी। 15 नवम्बर को ईलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।
बुद्धवार को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक निवास स्थान रेवतीपुर थाना क्षेत्र के नौली ग्राम सभा के भिटुका एंबुलेंस से लाया गया। जवान पुत्र की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। तिरंगे में लिपटा शव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया।
दीपक की पत्नी ज्योति, उनकी पुत्री देविका यादव एवं पुत्र प्रांजल यादव सहित अन्य स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। माता संतरा देवी एवं पिता उदय नारायण सिंह यादव बेसुध पड़े थे। घर के लोगों के मुताबिक तीन भाइयों में सबसे बड़े दीपक ने जनवरी में घर आने की बात कही थी। अन्य दो भाई घर पर रहकर खेती-बाड़ी का काम देखते हैं।
सैनिक के पार्थिव शरीर पहुंचने की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस, क्षेत्रीय एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सैनिक को 39 जीटीसी के सूबेदार डीपी थापा ने सेंट्रल कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र दिमारी की तरफ से पुष्प चक्र अर्पित कर सलामी दी।
इसके बाद जमानियां स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके वृद्ध पिता उदय नारायण सिंह यादव दी। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मृत सैनिक के यूनिट से आए नायब सूबेदार गामा सिंह यादव ने बताया कि दीपक वर्ष 2009 में सेना में भर्ती हुए थे। वह काफी मिलनसार स्वभाव के थे।

