हर एक जर्रा हुआ है रोशन , चराग ऐसा जला दिया है। तुम्हारे मेहनत के यह पसीने जो बनके मोती चमक रहे हैं”- समीम गोड़सरावी
सेवराई/गाजीपुर- तहसील क्षेत्र के बारा के मदरसा गौसिया के परिसर में रविवार को “बारानामा” पुस्तक का लोकार्पण एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत तिलावते कलाम से की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चेयरमैन शेरी आकादमी भोपाल डा. मकबूल वाजिद और विशिष्ट अतिथि शेषनाथ राय वरिष्ठ अधिवक्ता लेखक एवं समाजसेवी मौलाना सऊदुल सहन नदवी, जिला न्यायाधीश उत्तराखंड श्री कान्त पाण्डेय, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे उत्तर प्रदेश कमरूल हसन खाँ, मौलाना अरशद सिराज मक्की एवं आयोजक आजाद खान ग्राम प्रधान बारा के द्वारा संयुक्त रुप से लेखक सुहैल खान द्वारा लिखित “बारानामा” पुस्तक का विमोचन किया गया
मुख्य अतिथि ने कहाकि साहित्यिक सांस्कृतिक कला देश के प्रति त्याग एवं समर्पण आदि क्षेत्रों में गाजीपुर के योगदान को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। गाजीपुर इस जिले महत्वपूर्ण उपलब्धीयों को देश के इतिहास मे जो स्थान मिलना चाहिए वो नहीं मिला।
उसमें मास्टर सोहेल खान द्वारा लिखित 407 पन्नों के बारानामा पुस्तक में बारा वासियों की वंशावली पर आधारित सारी जानकारियोंं को संयोजने का प्रयास किया गया है। इस पुस्तक का महत्व आज से 50 साल बाद आने वाली नस्लों को समझ में आएगी।
तत्पश्चात मुशायरे का कार्यक्रम शुरू किया गया । जिसमें समीम गोड़सरावी ने “हर एक जर्रा हुआ है रोशन , चराग ऐसा जला दिया है। तुम्हारे मेहनत के यह पसीने जो बनके मोती चमक रहे हैं” सुनाकर वाहवाही लूटी। कवि मिथलेश गहमरी ने अपनी शेर दर्द वाले हैं पीर वाले हैं, अपने तेवर जमीर वाले हैं” सुनाकर सभा में समा बांध दी। वक्ताओं ने अपने-अपने मुक्तक और शेर पढ़कर सभा मैं मौजूद लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस मौके पर प्रोफेसर गजानंद पांडेय, अरशद सेराजवली, शेषनाथ राय सुरेंद्र राय अब्दुल कलाम खान, याहिया खान, खुर्शीद ,कलीम ,शमीम, साजिद ग्राम प्रधान गहमर बलवंत सिंह बाला, विनय गुप्ता, शब्बीर अहमद खान, प्रधान संघ जिला अध्यक्ष भयंकर सिंह यादव, माजीद खान, मंजूर खान, आजाद खान, शाहिद, डॉ सरफराज खान आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन दीवान तनवीर एवं हैदर खान व अध्यक्षता सरवत महमूद खान ने की। आयोजक ग्राम प्रधान बारा आजाद खान ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया

