आज युवा वर्ग को अपनी सोच में परिवर्तन करने की आवश्यकता है- संजय राय शेर पुरिया

जमानिया/ गाज़ीपुर- अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर यूथ रूलर एंटरप्रेन्योर फाउंडेशन एवं नेहरू युवा केंद्र गाज़ीपुर, युवा कार्यक्रम खेल मंत्रालय ,भारत सरकार, के संयुक्त तत्वाधान में बृहस्पतिवार को खंड विकास कार्यालय परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिस दौरान अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि संजय राय शेर पुरिया द्वारा स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण समारोह दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
जिस दौरान उन्होंने लोगो को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज युवा वर्ग को अपनी सोच में परिवर्तन करने की आवश्यकता है, युवाओं की जैसी सोच होगी वैसा ही देश बनेगा युवा जिम्मेदारियों से भागे नहीं वे यह न सोचें कि देश ने हमारे लिए क्या किया बल्कि वह यह सोचे कि हम ने देश के लिए क्या किया।
साथ ही उन्होंने युवाओं का आह्वान किया और कहाँ कि आज स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों को आत्मसात करें तथा भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में अग्रसर होने की आवश्यकता है।
उन्होंने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि युवा केवल सरकारी नौकरी के पीछे ना भागे बल्कि अपने कौशल के अनुरूप अपना व्यवसाय शुरू करें या फिर प्राइवेट सेक्टर में भी आगे आये। वे प्रत्येक हाथ को काम देने के सिद्धांत का अनुसरण करते हुए भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला और यह भरोसा दिया कि गाजीपुर का कोई भी युवा बेरोजगार नहीं रहेगा ।
आरसेटी के निदेशक विनोद शर्मा ने अतिथियों सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए युवाओं का स्वागत किया तथा बेहतर आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की

नमामि गंगे के जिला परियोजना अधिकारी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने गंगा के किनारो के गांवो में गंगा दूतों द्वारा जा रहे किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया ।नेहरू युवा केंद्र गाजीपुर के जिला युवा अधिकारी कपिलदेव राम ने युवाओं को राष्ट्र के विकास की मुख्यधारा से जुड़कर आगे आने की अपील करते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर आरसेटी के वित्तीय सलाहकार धर्मेंद्र प्रसाद, अशोक राय समाजसेवी, विकास सिंह प्रोजेक्ट हेड, बिच्चू बाबा ,सतीश राय, यादवेंद्र ,नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवक सत्यप्रकाश, चंदन ,अरविंद ,खुशबू ज्योति, राहुल, शिवम आदि उपस्थित थे।
समारोह का संचालन नेहरू युवा केंद्र के लेखा एवं कार्यक्रम सहायक सुभाष चंद्र प्रसाद ने किया।

