Saturday, May 30, 2026
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कोरोना महामारी में अनाथ बच्चों को मिलेगा सरकारी लाभ

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से कोरोना महामारी में अनाथ बच्चों के भविष्य को मिलेगा प्रकाश

जमानियां/  गाज़ीपुर-स्थानीय तहसील सभागार में बुधवार को विधिक साक्षरता दिवस पर कार्यक्रम आयोजन किया गया। जिसमें  कोरोना महामारी के चलते अनाथ बच्चों की मदद कर उनका भविष्य मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से सुरक्षित किये जाने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव तहसीलदार ने योजना के नियम व शर्तें बताई, जो शासन द्वारा निर्धारित की गई हैं।

कार्यक्रम के दौरान तहसीलदार जमानिया घनश्याम ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच अनाथ हुए बच्चों के भविष्य की सुरक्षा और उनकी देखभाल के लिए मुख्यमंत्री की ओर से शुरू की गई। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के नियम और शर्तें अब तय कर दी गई हैं और यह आदेश जारी किया गया है।

इस योजना में 18 वर्ष की उम्र तक के ऐसे सभी बच्चे जिनके माता और पिता दोनों की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हो गई हो या जिनके माता या पिता में से एक की मृत्यु 01 मार्च 2020 से पूर्व हो गयी थी एवं दूसरे की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हुई थी। इस योजना के तहत उनको लाभ पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 10 साल तक के बच्चों के वैध संरक्षक के खाते में चार हजार रुपये प्रति माह ट्रांसफर किए जाएंगे। दोनों अभिभावकों की मौत होने वाले बच्चों को बाल देखभाल संस्थाओं में रखा जाएगा और इन्हीं में कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों के लिए अटल आवासीय या केजीबीवी में प्रवेश दिलाया जाएगा, जहां 11 से 18 साल तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

महामारी के बीच अनाथ हुए बच्चों की देखभाल के लिए शुरू की गई सेवा का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों को भी अनिवार्य किया गया है। जिसके बारे में उन्होंने विस्तार से जानकारी दी। वही उन्होंने अनाथ बच्चों में बालिकाएं शामिल है उनकी शादी के लिए राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। ऐसे बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए टेबलेट या लैपटॉप की सुविधा भी इस योजना के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएगी।यही बच्चे कल का भविष्य है इसलिए उनकी उन्नति के लिए सभी प्रकार की सुख सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाएंगी।

ऐसे प्रकरण जिनके माता-पिता की कोरोना से मृत्यु हो गयी हो और उनके बच्चें अनाथ हो गए, उनके अभिभावक ऑफलाइन आवेदन ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी एवं शहरीय क्षेत्र में जिला प्रोबेशन कार्यालय में जाकर प्रस्तुत कर सकते हैं एवं कानूनी सहायता हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में पहुंचकर सहायता ले सकते हैं

 इस अवसर पर पेशकार विजय‚ नितिश यादव‚ बेचू राम‚ ईश्वर चन्द‚ विजय कुमार‚ मंतोष सिंह‚ विनय पाण्डेय‚ संदीप कुमार‚ प्रियंका यादव‚ स्मिता सिंह‚ राज कुमार पासवान‚ राहुल कुमार‚ मृत्युंजय आदि लेखपाल मौजूद रहे।

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