Saturday, May 30, 2026
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विधुत विभाग के निजीकरण को लेकर विधुत कर्मचारी संघर्ष समिति धरना प्रर्दशन

जमानियॉं ⁄ गाजीपुर – विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति जमानियाँ के तत्वाधान में गुरुवार को विधुत विभाग परिषर में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड व्यवस्था निजीकरण (निजी हाथों में ना जानें को लेकर ) सरकार इस निति का विरोध करते हुए धरना प्रर्दशन किया गया।

  फोटो– धरना प्रदर्शन करते विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्य 

जिसमें सरकार द्वारा प्रदेश में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड विधुत व्यवस्था को निजीकरण करने को लेकर विधुत कर्मचारी संघ जिन्दाबाद नारे के साथ सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की गयीं।

धरनें को संम्बोधित करतें हुए तापस कुमार ने कहाँ कि उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड की विधुत  व्यवस्था निजीकरण निति के तहत निजी हाथों में ना जानें से आम जनता को भारी नुकशान होगा और साथ ही  इस निति व्यवस्था के कारण जो प्रभाव आम जनमानस पर पडेगा उससे बिजली मूल्य दर में काफी बढोत्तरी होगीं इस आदेंश के वापस होने तक विधुत कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश सरकार के इस निति का विरोध करते हुए संघर्ष करता रहेंगा।

इसी क्रम में सचिव हर्षित राय ने निजीकरण के बाद बढ़ने वाली समस्याओं एवं उपभोक्ताओं-कर्मचारियों को होने वाली परेशानियों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहॉ कि विधुत विभाग के अधिकारी कर्मचारी 24 घंटे कार्य करते है और व्यवस्थाओं के सुधार में लगे हुए है।लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के इस निजीकरण निति व्यवस्था विधुत व्यवस्था में कुछ बदलाव तो आयेगें लेकिन इस नीतिकरण विधुत व्यवस्था में एक भूचाल आयेगा जिसका विरोध और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। 

अध्यक्षता दुर्गविजय प्रसाद व संचालन धर्मेन्द्र यादव नें किया इस अवसर पर उपखंड अधिकारी विजय यादव‚  जेई इन्द्रजीत पटेल‚  गुप्तेश्वर‚ अरविन्द यादव‚ विजय पटेल‚ ओम प्रकाश‚ राकेश‚ जन्नत‚ एहसानुल‚ अनीश अहमद‚ विनय‚ दिनेश‚ विनोद‚ पंकज पाल आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता दुर्गविजय प्रसाद एवं संचालन धर्मेनद्र यादव ने किया।

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