Monday, June 1, 2026
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पांच दिवसीय प्रज्ञा पुराण कथा का पाठ में जीवन के सतकर्म मात्र ही जीव के जीवन की व्यथा कराया बोध।

मलसा– पांच दिवसीय प्रज्ञा पुराण कथा का पाठ में जीवन के सतकर्म मात्र ही जीव के जीवन की व्यथा का कराया बोध।

मलसा– स्थानीय क्षेंत्र स्थित गरुआ मकसूदपुर में रामजानकी मठ पर चल रहे पांच दिवसीय प्रज्ञा पुराण कथा का पाठ में  जीवन के सतकर्म मात्र ही जीव के जीवन की व्यथा के बारे में बताया गया।कथावाचक कमला शर्मा ने कहा की प्रज्ञा पुराण कथा सुनने मात्र से जीव की जीवन की व्यथा दूर हो जाती है प्रज्ञा कथा धरा पर ऐसी कथा है जिसके सुनने मात्र से लोक के साथ परलोक भी संवर जाता है। प्रज्ञा पुराण पावन गुरु की अमर वाणी है।

इसको सुनने वाला जीव कभी भंवर में नहीं पडता इस कथा को सुनने से जीव के जीवन में सभी आवश्यकताएं प्राप्त हो जाती हैं उन्होंने कहा कि अगर कथा मे आकर कथा दिल में न बैठे तो सब बेकार चला जाता है। पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य कहां करते थे कि आज जो देश अणु शक्ति बनाकर एक दूसरे देश पर अपना प्रभुत्व बनाए रखने पर आमदा है।

वह दिन अब दूर नहीं कि जागृति जन शक्ति किसी देश की शक्ति का केंद्र बनेगा महायज्ञ के दूसरे दिन सुबह से आरती के साथ माता गायत्री मंत्र का महामंत्र पूर्व भजन कीर्तन व यज्ञ मंडप में विद्या संस्कार जनेऊ संस्कार का भी कार्यक्रम चला इसके बाद नामकरण अन्नप्राशन संस्कार भी करवाया गया महायज्ञ में आए दर्जनो बच्चों का विद्या संस्कार भी हुआ महायज्ञ मे आए माताओं पुरूषों ने गुरु संस्कार प्रप्त किया । संचालन सुरेन्द्र सिंह ने किया।

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