मलसा– राम कथा का संगीतमय पाठ में भगवान के सद्गुरु रुपी दृढ़ नौका का काराया बोध ।
मलसा – स्थानीय क्षेत्र के ढढ़नी रणवीर राय ग्राम में विराजमान हनुमान जी के प्रांगण में आयोजित एक दिवसीय श्रीराम कथा का संगीतमय पाठ में भगवान के सद्गुरु रुपी दृढ़ नौका का बोध काराया गया।
जिस दौरन भागवताचार्य चंद्रेश महाराज ने कहा कि भगवान साधन है। साध्य नहीं वे कृपा से प्राप्त होने वाले हैं। भगवान की महती कृपा जब जीव पर होती है तो उसे मनुष्य का शरीर प्रदान करते हैं और अतिकृपा करते हैं तो सद्गुरु रुपी एक दृढ़ नौका भी उपलब्ध करा देते हैं। विभीषण और सुग्रीव के अंदर सामान्यतः कुछ भी ऐसा गुण दिखाई नहीं देता जिसपर भगवान रीझ गए और दोनों को मित्र बनाया अथवा अपने शरण में रखा।
हनुमान जी जैसा सद्गुरु सुग्रीव के पास पहले से ही थे जब हनुमानजी को रामजी ने पहली भेंट में अप्रत्यक्ष रूप से इशारा किया तब सुग्रीव के पास हनुमान रामजी और लक्ष्मण जी को ले गये और मारे मारे फिर रहे और भाई बाली के भय से रात दिन चिंतित रहने वाले सुग्रीव को अभय किया परमात्मा ने और किष्किंधा का राजा बना दिया। इसी प्रकार विभीषण को भी हनुमानजी के माध्यम से अपनी कृपा प्रदान किया।
भगवान पहले जीव के जीवन में हनुमान जी जैसा सद्गुरु भेजते हैं और सद्गुरु के माध्यम से ही जीव को अपनी शरणागति भी देकर अभय कर देते हैं। आयोजन में बुच्चा महाराज, प्रह्लाद तिवारी और विद्यासागर तिवारी ने भी कथा अमृत पान कराया।कथा यजमान चंडी माता के पुजारी सत्येन्द्र महाराज ने उपस्थित श्रोताओं एवं सम्मानित वक्ताओं के प्रति आभार ज्ञापित किया।

