5 सौ वर्षो से भी पुराना है इस आश्रम का इतिहास, दुनिया में फतेहपुर संगत के नाम से है प्रसिद्ध।
सुल्तानपुर:- आज सिक्खों के आराध्य गुरुनानक साहेब के बड़े पुत्र श्री चन्द्र भगवान के जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर दूर दूर से आए साधु सन्तो ने पहले विधि विधान के साथ पूजन पाठ किया।

तत्पाश्चात श्रीचन्द्र भगवान के जन्मोत्सव पर सन्तो ने आश्रम में भक्तों को उनके जीवनकाल के बारे में बताया,वही फतेहपुर संगत आश्रम के गद्दी महन्त धर्म प्रकाश जी महाराज ने बताया कि वर्षो पहले श्री चन्द्र महाराज ने यही पर बैठ के तप किया था और साथ ही जो ये गोसाईगंज बाजार है उन्ही की बसाई बाजार है। आज फतेहपुर संगत पूरी दुनिया मे जाना जाता है।
वही महन्त धर्म प्रकाश जी आगे बताया कि भगवान श्रीचन्द्र जी एक मंदिर पाकिस्तान के ननकाना में स्तिथ है जहा लोग दर्शन को आते जाते रहते है। वही आगे उन्होंने भगवान श्रीचन्द्र जी के बारे में बताते हुए कहा कि भगवान उदासीन के आचार्य बने। आज कहि भी आखाड़े का आयोजन हो तो फतेह संगत का योगदान रहता है। वही आश्रम की विशेषता बताते हुए धर्म प्रकाश महाराज जी ने कहा कि फतेहपुर संगत में स्तिथ इस आश्रम की धूमि लेकर जाता है।
उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है इस आश्रम में कई देव स्थान है जिससे इस आश्रम में पहुँचने के बाद दर्शन मात्र से ही मन की शान्ति का आभास करवाती है। जो भी श्रद्धा के साथ मन मे विश्वास लिए दर्शन को पहुचता है उसकी मनोकामना जरूर पूर्ण होती है। आज श्रीचन्द्र भगवान के 528 जन्मवोत्सव मनाने के लिए दूर दूर से साधु सन्त आये थे पूजा पाठ दर्शन के बाद साधु सन्तो के साथ साथ भक्तो को प्रसाद के रूप में भोजन करवाया गया।
जिसे सभी ने प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया और अपने को तृप्त माना,बताते चले कि ये आश्रम सुल्तानपुर मुख्यालय से लगभग 13 से 14 किलो मीटर की दूरी पर स्तिथ है। गोसाईगंज बाजार से लगभग 3 किलोमीटर अन्दर जाने के बाद फतेहपुर संगत आश्रम पहुँचा जा सकता है।

