क्षेत्र में दुग्ध व्यवसाय को विकास को लेकर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ
रेवतीपुर (गाजीपुर): लाभकारी दुग्ध व्यवसाय एवं पशुधन प्रबंधन के द्वारा क्षमता विकास परियोजना के अन्तर्गत क्षेत्र के पटकनियां गाँव में कृषि विज्ञान केन्द्र आंकुशपुर के तत्वावधान में चालीस प्रगतिशील एवं जागरूक किसानों को डेयरी व्यवसाय ( पशु प्रबंधन) विषयक पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ वैज्ञानिक पशुपालन डाक्टर ए के सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर बोलते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि डेयरी व्यवसाय के लिए सबसे पहले उन्नत नस्ल के दुधारू गाय,भैस रखना होगा ,साथ ही उन्हें पौष्टिक संतुलित आहार देना बेहद जरूरी है , इस व्यवसाय के साथ ही आय के श्रोत भी बढेगें। और लालसिंधी ,साहिवाल, गीर नस्ल की गायों के अलावा मुर्रा, भदवरी आदि नस्ल की दुधारू भैंसों का काफी महत्व है ।
वहीं कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाक्टर आर पी वर्मा ने कहा कि इन बेहतर नस्ल की गाय भैंस रख अच्छी मात्रा में दुग्ध उत्पाद किया जा सकता है ,इसके जरिए हमें बेरोजगारो के रोजगार के बेहतरीन अवसर है ,उन्होंने आह्वान किया कि डेयरी और पशुपालन को बढावा देने के लिए लोगों को आगे आना होगा इस दौरान प्रशिक्षण में उन्होंने युवा बेरोजगारो को क ई टिप्स दिए व प्रोत्साहित किया ।
इस अवसर पर डाक्टर जे पी सिंह ,बालू लाल यादव ,राम मिलन सिंह, सुरेश राम ,त्रिभुवन पांडेय ,अरविन्द मिश्रा ,चंद्रभूषण पांडेय आदि मौजूद रहे ।

