स्वास्थ्य और स्वच्छता अभियान के नाम पर शोपीस बना हुआ है लाखों रुपयों की लागत सें निर्मित उपकेन्द्र बुढ़ाडीह
जमानियाँ ⁄ गाजीपुर–स्थानीय क्षेत्र स्थित ग्राम सभा बुढ़ाडीह में लाखों रुपयों की लागत सें निर्मित उपकेन्द्र बुढ़ाडीह चारो तरफ गन्दगीयों की भरमार स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और लूटखसोट के विकासगाथा गुणगान कर रहीं है। जबकी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओ का विकास को लेकर अनेक प्रयास कर रही हैं लेकिन कमीशनखोरी और लूट–खसोट के भेंट चढ़ जाने के कारण विकास के पहिये वहीं के वहीं रुके पड़े है।

जबकी उत्तर प्रदेश सरकार कायाकल्प योजना के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कोरोना महामारी के समय संक्रमण रोकने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो को विभागीय अधिकारीयों द्वारा निरीक्षण कर स्वास्थ्य समस्त केन्द्रो पर स्वच्छता बढ़ावा देने के लिए उद्देश्य के साथ अनेक योजना के तहत विकास कार्य के लिए पैकेज भी दिया गया। लेकिन विभागीय अधिकरी निरंकुश कार्य प्रणाली के कारण ग्रामीण इलाको मे स्वास्थ्य व्यवस्था का विकास नहीं हो पा रहा हैं।
विभागी अधिकारीयों की लापवाहीं और कमीशन खोरी के चलते नहीं हो पा रहा हैं ग्रामींण क्षेंत्रो में स्वास्थ्य व्यवस्थाें का विकास–
उत्त प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पहुँचानें के लिए लाखों रुपयों की लागत सें जमानियाँ विधान सभा में स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण् में ग्रामींण क्षेंत्रो में करीब 32 उपकेन्द्र संचालित किये जा रहें हैंं। जिसमें कुछ हीं अस्तित्व में हैं कुछ विभागीय अधिकारीयों की लापरवाहीे के चलते गर्त में पडें हुए हैं। जिसका वास्तविक तस्वीर बुढ़ाडीह चारो तरफ गन्दगीयों की भरमार स्वास्थ्य केन्द्र स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और लूटखसोट के विकासगाथा की तस्वीर से साफ प्रतीत हो रहा हैं।

कि कोरोना महामारी समय सरकार स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर विभागीय अधिकारीयों ने सरकार को लाखो करोड़ाे का चुना लागाया होगा। कोराना महामरी को विगत दो वर्ष हो चुके हैं लेकनि स्वस्थ्य विभाग का कोई अधिकारी जहमत नहीं उठाना नहीं चाहता हैं। ग्राम सभा बुढ़ाडीह निर्मित उपकेन्द्र दुर्दशा स्वास्थ्य विभाग के किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को नहीं दिखायी देती और ना हीं किसी की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती सब कुछ रामभारोसे चल रहा हैं।
सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओ का विकास को लेकर अनेक प्रयास कर रही हैं । विभागी अधिकारी और कर्मचारी सरकार के इस मंशा पर पानी फेरने का काम कर रहें हैं। सरकार आम जनता को कोई परेशानी न हो।ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का विशेष ध्यान रखा गया है. आपको बता दें आज भी हमारे देश में कई ऐसे ग्रामीण या शहरी क्षेत्र हैं, जहां स्वास्थ सुविधा समुचित से नहीं पहुँच पाई है. ऐसी परिस्थिति में लोगों को शहरों के तरफ भागना पड़ता है. जिस वजह से वहां के अस्पतालों में भी लम्बी लाइनें लग जाती है।

