मुंबई में उद्योगपति रतन टाटा अन्तिम विदाई देने के लिए उमड़ा जन- सैलाब, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि।
दिल्ली :- देश के अनमोल रत्न रतन टाटा को बृहस्पतिवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। मुंबई में उनके अंतिम दर्शन के लिए जन- सैलाब उमड़ पड़ा। उद्योग-कारोबार से लेकर खेल, राजनीति व मनोरंजन जगत तक की शायद ही कोई ऐसी हस्ती होगी, जिसने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि न दी हो।

महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार से दिवंगत रतन टाटा को भारत रत्न देने का अनुरोध किया है। वर्ली स्थित शवदाह गृह में रतन टाटा का अंतिम संस्कार किया गया। इससे पूर्व मुंबई पुलिस ने उन्हें बंदूकों की सलामी दी। इस दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, टाटा समूह के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन और रतन टाटा के भाई नोएल टाटा मौजूद रहे।
अब अगले तीन दिन तक दिवंगत उद्योगपति के आवास पर सफेद फूलों से सजे शव वाहन में नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (एनसीपीए) लाया गया। पार्थिव शरीर को तिरंगे से लिपटे ताबूत में रखा गया। नरीमन प्वाइंट स्थित एनसीपीए में सुबह 10:30 बजे से 3:55 बजे तक हजारों लोगों ने रतन टाटा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। टाटा के पार्थिव शरीर को एनसीपीए से पहले ही लोग कतारों में धैर्यपूर्वक उनकी अंतिम झलक का इंतजार कर रहे थे। मशहूर क्रिकेटर खड़े होकर लाए जाने सचिन तेंदुलकर श्रद्धांजलि देने के पाने लिए उनके आवास पर सबसे पहुंचने वाले व्यक्तियों में शामिल थे।
प्रधान मंत्री मोदी ने की नोएल टाटा से की बात, अंतिम विदाई देने पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह:-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार सुबह लाओस यात्रा पर रवाना होने से पहले रतन टाटा के भाई नोएल टाटा से फोन पर बात की। उन्होंने टाटा परिवार के प्रति अपनी संवेदना जताई। प्रधानमंत्री की तरफ से महानायक रतन टाटा को अंतिम विदाई देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहुंचे।
शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, रतन टाटा के निधन पर शोक जताने वाले लाखों भारतीयों में शामिल हूं। प्रधानमंत्री की ओर से टाटा के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र भी अर्पित किया। टाटा को हमेशा देशभक्ति व एकता के प्रकाशपुंज के रूप में याद किया जाएगा उनकी विरासत लंबे समय तक देश के औद्योगिक क्षेत्र का नेतृत्व करने वालों का मार्गदर्शन करती रहेगी।
टाटा समूह के मुखिया रतन टाटा नहीं बनाया उत्तराधिकारी, नए वारिस के चयन पर निगाहें।
13 लाख 85 हजार करोड़ रुपये का है रतन टाटा का राजस्व … ट्रस्टी बोर्ड करेगा नए मुखिया का चयन
टाटा समूह के मुखिया रतन टाटा शीर्ष पर नेतृत्व शून्य छोड़ गए हैं। उन्होंने 13 लाख 85 हजार करोड़ रुपये के राजस्व वाले समूह का कोई उत्तराधिकारी नहीं बनाया है। ऐसे में नजरें उनके उत्तराधिकारी पर टिक गई
हैं। खासकर, टाटा ट्रस्ट के मामले में, जिसके पास समूह की मूल कंपनी टाटा संस का 60 फीसदी से अधिक मालिकाना हक है।
नए मुखिया का चयन ट्रस्टी बोर्ड करेगा। यह भी हो सकता है कि एक अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया जाए। उसके बाद स्थायी उत्तराधिकारी की तलाश की जाए। सूत्रों के मुताबिक, इसमें दो नाम आगे हैं। एक नोएल टाटा का। दूसरा साइरस मिस्त्री के परिवार कोई व्यक्ति। नोएल रतन टाटा के सौतेले भाई और टाटा इंटरनेशनल अध्यक्ष हैं।
हालांकि कम सार्वजनिक प्रोफाइल व टाटा संस के साथ सीमितन भागीदारी उनके खिलाफ भी हो सकती है। ऐसे में फिर टाटा परिवार के बाहर साइरस मिस्त्री के उत्तराधिकारियों में नेतृत्व की तलाश हो सकती 2012 में उत्तराधिकारी के रूप में चयन ने परिवार की परंपरा में अहम बदलाव को चिह्नित किया, पर 2016 में उनके समूह से निकलने के बाद अस्थिरता पैदा हो गई थी।

