रंगोली प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपने कलाकृतियों के जरिए समाज को एक नया संदेश दिया।
गाज़ीपुर -: रेवतीपुर गदाधर श्लोक महाविद्यालय में छात्राओं में हुनर और आपसी प्रतिद्वंद्विता विकसित करने के लिए रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि प्राचार्य डाक्टर जितेंद्र नाथ राय ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस रंगोली प्रतियोगिता में दो सौ से अधिक छात्राओं ने भाग लिया,जिसमें प्रतिभागी छात्राओं ने एक से बढकर एक कलाकृति उकेर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया ,इस रंगोली प्रतियोगिता में ज्योति कन्नौजिया टीम प्रथम, ज्योति राम टीम द्वितीय और कार्तिका पाण्डेय टीम तृतीय जबकि श्वेता कुशवाहा टीम ने चौथा स्थान हासिंल किया।
मुख्य अतिथि प्राचार्य डाक्टर जितेंद्र नाथ राय ने विजेता और उपविजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना किया। प्रतिभागी छात्राओं ने इस रंगोली प्रतियोगिता में बेटी बचाओं-बेटी पढाओ ,जलसंरक्षण- पर्यावरण, प्रदूषण रोकने हेतु प्लास्टिक के उपयोग जैसी कलाकृतियों के जरिए समाज को एक नया संदेश दिया।
इस रंगोली प्रतियोगिता को चार ग्रुपों बांटा गया था ,आयोजित इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डाक्टर जितेंद्र नाथ राय ने रंगोली प्रतियोगिता के प्रतिभागी छात्राओं का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि इसमें शामिल सभी प्रतिभागी छात्राओं का प्रयास अत्यंत सराहनीय है । उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से छात्राओं में एक दूसरे के प्रति प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत होती है ,और इससे कलाकृतियों को भी बढावा मिलता है,कहा यह एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि इसके जरिए समाज को एक न ई दिशा देने का प्रतिभागियों ने काम किया है।
उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढाओ,जल संरक्षण- पर्यावरण और प्रदूषण पर बनाई गई। कलाकृतियां आज हमारे समाज में कितना महत्व रखती है। इसके जरिए प्रतिभागियों ने उकेरा, कहा कि इसके जरिए एक टीम भावना भी जागृत होती है,जो मानसिक संतुलन को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती । प्राचार्य ने कहा कि इसके अलावा इस तरह के आयोजनों से बौद्धिक ज्ञान का विकास होता है,कहा कि यह रंगोली की कलाकृतियाँ समाज को समर्पित है,जो राष्ट्रीय भावना को जागृत करती हैं।
इस अवसर पर प्राचार्य डाक्टर जितेंद्र नाथ राय, डाक्टर मनोज कुमार राय,डाक्टर पुष्पा,प्रज्ञा पाण्डेय,भूपेश राय, झारखंडे,ज्ञानेश्वर सिंह,अक्षय कुमार सहित महाविद्यालय के अन्य छात्र- छात्राएं और अध्यापक मौज रहे।

