Sunday, May 31, 2026
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वाणिज्य विभाग द्वारा स्वतंत्रता के 75वें वर्ष पर अमृत महोत्सव का हुआ आयोजन

० एपीडा द्वारा वाणिज्य सप्ताह के तहत मनाया गया ‘‘वाणिज्य उत्सव”
० सात सौ से अधिक किसानों, ट्रेडरों व निर्यातकों ने की सहभागिता
वाराणसी- स्वतंत्रता के 75वें वर्ष को आजादी के अमृत महोत्सव के रूप में मनाते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के वाणिज्य विभाग द्वारा 21 से 26 सितम्बर 2021 के बीच वाणिज्य सप्ताह मनाया गया।

जिसके अन्तर्गत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण, वाराणसी (एपीडा) द्वारा रविवार, 26 सितम्बर 2021 को रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर सिगरा में ‘‘वाणिज्य उत्सव’’ में मिर्जापुर, चन्दौली, भदोही के सात सौ से अधिक किसानों को मिला, जिन्हे कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से आमंत्रित किया गया जिसमे उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों सहित उत्तराखंड व बिहार के 20 कृषि विज्ञान केन्द्रों से 2000 से अधिक किसानों ने वर्चुअल सहभागिता की। कार्यक्रम की औपचारिक शुरूवात दीप प्रज्जवलन से हुई। इस दौरान मुख्य अतिथि केन्द्रीय मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार) एवं विशिष्ट अतिथि श्री रविन्द्र जायसवाल (मंत्री, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार), कौशलराज शर्मा (जिलाधिकारी, वाराणसी) एवं डा0एम0 अन्गामुथू (चेयरमेन, एपीडा) मौजूद रहे। अतिथियों स्वागत एपीडा के डायरेक्टर डा0तरूण बजाज ने किया।

वाणिज्य उत्सव के प्रथम सत्र में किसानों एवं निर्यातकां के क्षमता संवर्धन के लिए विषय “Capacity building programme & trade meet for FPO’s / farmers & exporters to boost the agri export” प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके पर विशेषज्ञों ने प्रेजेन्टेशन के माध्यम से कृषि की गुणवत्ता, प्रबंधन, ट्रेडिंग व निर्यात और इस क्षेत्र में मिलने वाले अवसरों से किसानों, ट्रेडरों व निर्यातकों को रूबरू कराया। एपीडा के एजीएम सीबी सिंह ने एपीडा की कार्य योजनाओं की जानकारी दी।

एपीडा के डायरेक्टर डा0तरूण बजाज ने कहा कि यह हमारे जीवन का गौरवमयी क्षण है कि हम स्वतंत्रता के 75वें वर्ष को आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मना रहे है। इरी सार्क के डायरेक्टर सुधांशु सिंह ने कहा कि कृषि को वाणिज्य से जोड़ना एक सुखद बदलाव है, जो देश के किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करेगा। जो कृषि के उत्थान के लिए बेहद जरूरी है।

लालबहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाराणसी की डायरेक्टर श्रीमती आर्यमा सान्याल ने कहा कि अन्तराष्ट्रीय उड़ाने शुरू हो चुकी है और आगामी अक्टूबर माह से शिपमेंट उडान भी शुरू हो जाएगी, जिससे वाराणसी सहित आसपास के जनपदों के किसान अपने उत्पाद निर्यात कर सकेंगे।

अतर सिंह (निदेशक, अटारी कानपुर) ने कहा कि कृषि उत्पाद, कृषि निर्यात के लिए एक नया क्षेत्र है। इससे कृषक अपनी आय दुगनी करने समर्थ होंगे। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के ई-कामर्स एवं मार्केटिंग, निर्यात, जीएसटी, इश्योरेंश पालिसी और उसके लाभ, यूपी इंडस्ट्रीयल पालिसी आदि की जानकारी प्रेजेन्टेशन के द्वारा विशेषज्ञों ने दी।

सत्र के अन्त में परिचर्चा के माध्यम से किसानों, ट्रेडरों व निर्यातकों के समस्याओं निराकरण किया गया। गवर्मेंट ई-मार्केट प्लेस (जेम), सोसियो इक्नामिक जोन (सेज), डायक्ट्रेट जनरल आफ फारेन ट्रेड (डीजीएफटी), डीआईसी (उप्र सरकार) के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की।

केन्द्रीय मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार) ने कहा कि सरकार किसानों को निर्यात के आवश्यक्ता के अनुरूप उपज उत्पादन के लिये प्रशिक्षित करने के लिये प्रयत्नशील है। वैश्विक बाजार में उत्पाद के गुणवत्ता एवं पैकिंग का विशेष महत्व है, जिसके लिये किसानों, निर्यातकों को प्रशिक्षित करने की योजना पर काम कर रही है।

वन डिस्ट्रीक वन प्रोडक्ट योजना के तहत उप्र के 50 जनपदों में निर्यात का प्लान बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होने बताया कि पिछले वर्ष 2020 के प्रथम पांच माह के मुकाबले इस वर्ष 2021 के प्रथम पांच माह में जब हालात कोरोना महामारी के दूसरी लहर के कारण हालात विकट थे, तब भी विपरीत परिस्थितियों में कृषि निर्यात ज्यादा हुआ।

रविन्द्र जायसवाल (मंत्री, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार) ने कहा कि किसानों के अथक परिश्रम का ही परिणाम है।इस वैश्विक कोरोना महामारी के काल के दौरान सरकार जरूरतमंदों को निःशुल्क अनाज उपलब्ध करा पा रही है। सरकार किसानों के आय को दुगुना करने के लिए संकल्पित है और जब देश का किसान व्यापारी बनेगा तो वह समृद्ध हो जायेगा।

सरकार के प्रयास से वह समय आ गया है जब देश का किसान सब्सिडी नही लेगा, बल्कि व्यापारी बनकर जीएसटी देकर आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में सहयोग करेगा। डा0एम0 अन्गामुथू (चेयरमेन, एपीडा) ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के सपने को ‘‘किसानों की आय दुगनी हो‘‘, इसे कृषिे निर्यात के द्वारा ही साकार किया जा सकता है। कषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के सहयोग से एपीडा ने प्रयास दो वर्ष पहले शुरू कर दिया है।

जल्द ही प्रस्तावित कृषि उत्पाद के निर्यात का लक्ष्य हासिल कर लेंगे। कौशलराज शर्मा (जिलाधिकारी, वाराणसी) ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी का मानना है कि वाराणसी के आसपास के जनपदों के विकास से ही सही मायने में वाराणसी का विकास संभव है।
धन्यवाद ज्ञापन एपीडा के सचिव डा0सुधांशु ने किया और कहा कि जो कुछ हमने यहां सीखा है, उससे हम प्रगति की दिशा का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

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