अपने ग्राम पंचायत में 5 वर्षों से प्रधान पद की लालसा लगाये तपस्या कर रहे प्रत्याशियों के अरमानों पर चुनाव आयोग ने फेरा पानी ।
जमानिया / गाजीपुर- उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग द्वारा आगामी ग्राम पंचायत चुनाव वर्ष 2021 ग्राम प्रधान पद की सूची जारी होते ही मंगलवार की सायं काल जिलाधिकारी मंगलप्रसाद सिंह द्वारा आगामी ग्राम पंचायत चुनाव वर्ष 2021 की बिगुल बज गया।
जैसे ही ग्राम प्रधान पद चुनाव क्षेत्र की सीट जारी होने की ख़बर सुनते ही वही सोमवार की सायंकाल खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर अपने क्षेत्र से प्रधान पद की दावेदारी ठोकने वाले प्रत्याशीयो का हुजूम इकठ्ठा होने लगा सरकारी दफ्तर खण्ड विकास परिसर में हुजूम को देखकर ऐसा प्रतीत हुआ जैसा कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर लोग राशन लेने के लिये मसक्कत कर रहे हों।
“आप लोंगो ने एक कहावत है सुनी होगी किस्मत का मारा ना घर हुआ, ना घाट का” जी हाँ साहब अपने-अपने विकास क्षेत्र से प्रधान पद की प्राप्ति के लिए 5 वर्षो से तपस्य के रूप में अपने गाँव के लोगो के फायदा पहुंचाने के लिए तरह-तरह के सेवा योजना जैसे मुर्गााा और दारू दवा और दुआ के चक्कर में समाज सेवा के चक्कर मे जाति-पति का भेदभाव भूलकर प्रधान पद की गद्दी पाने के घर-घर और मुर्गा खिलाना और गाँव के लोगो से मीठ-मिठ बतियाना सब बेकार हो साबित हुआ “अपने आप को सबसेे बड़ा समाजसेवी दिखाने के चक्कर में ई लोग आपन जाति व्यवस्था पाठ भूलकर अईसन पैर लागत है मानो जइसे की उ समय भगवान उका सामने आ गये।”
अगर भाषा मे कहेें तो, विधि का लेखा कौन मिटाए, जो होना था वही हुआ, प्रधान पद की दावेदारी के लिए 500 वर्षों की तपस्या पर चुनाव आयोग ने पानी फेर दिया। और वही ग्राम पंचायत चुनाव में आरक्षित सीट हो जाने के कारण प्रधान पद की अपने क्षेत्र से दावेदारी की ताल ठोकने वाले योद्धा ग्राम प्रधान पद रणभूमि में एक से एक वीर योद्धा धरासायी होते दिखायी दिये।
वर्तमान सरकार को कोसते रहे पूर्व प्रधान जी- आगामी ग्राम पंचायत चुनाव की कुंडली मे अपना नाम ना पाकर वर्तमान सरकार पर फब्तीतयां कसते हुवे, ये संजय भईया ई सरकार में हम लोगन क , दाल ना गले वाला बा यादव जी समझ मे आवत बा, ई सरकार अडानी और अम्बानी क बा हो,खियावल कुल बेकार हो गईल ना हो यादव जी पण्डितव त बड़ा खुश बा कि इन्हन क कुल करल धरल पर ई सरकरावा क अधिकारियां पानी मे मिलाइये दिहलन


